अगर आपके घर में सुख-समृद्धि और शांति नहीं है, तो यह फार्मूला अपनाए

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आज हम बताएंगे आपको कि अगर आप चाहते है कि आपके घरों और परिवारों में शांति एकता बनी रहे, तो इसके लिए क्या करे ?

वचन (1 ) घर बुद्धि से बनता है और समझ के द्वारा स्थिर होता है |
ज्ञान के द्वारा घर की कोठरियां बहुमूल्य रत्नो से भरी होती है |

( 2 ) बुद्धिमान स्त्री अपने घर को बनाती है
और मुर्ख स्त्री उसे अपने हाथों से ढा देती है |

( 3 ) स्त्री पुरुष की महिमा होती है,
जिसके पति के मन उसके प्रति विश्वास होता है |

(4 ) भली पत्नी कौन पा सकता है ?
क्यूकि उनका मूल्य मूंगों से भी बढ़कर है |

(5 ) एक भली पत्नी के पति का हरेक जगह आदर किया जाता है
और उसका पति सभा में सम्मान पाता है |

(6 ) बुद्धिमान के घर में उत्तम पदार्थ पाये जाते है
और उनके नाती-पोते पर आशीष बनी रहती है |

(7 ) मुर्ख के पास कितना भी धन क्यों न हो
परन्तु वह उसे उड़ा डालता है |

(8) जो परमेश्वर का भय मानता है
उसके कामों में वो आशीष ही को पाता है |
उसके घरों में उसकी पत्नी फलवंत दाखलता सी होगी
और तेरे बच्चे जलपायी के पौधो से हरे भरे होंगे |

(9 ) छः चीजों से परमेश्वर घृणा करता है
घमंड से चढ़ी हुई आंखे, निर्दोष का लहु बहाने वाले हाथ, भाइयों के बीच में झगड़ा उत्पन्न करने वाला साक्षी ,झूठ बोलने वाली जीभ, अनर्थ कल्पना गढ़ने वाला मन और बुराई करने को वेग से दौड़ने वाले पाँव |

(10 ) जो बुद्धि को ढूंढता है वह उसे प्राप्त कर लेता है
परन्तु नासमझ का मन व्यर्थ की बातों में लगता है
बुद्धि इतने ऊंचे पर है कि मुर्ख उसे पा नहीं सकता, वह कोशिश तो करता है परन्तु उछल नहीं सकता |

तो आईये अब इन सभी बातों का जो कि बाइबिल के अध्याय नीतिवचन से लिए गए है | एक पत्नी जो की मेहनती हो उसके घर में हमेशा उसके पति के मन में विश्वास हो | तब वो घर वैसे चल रहा है जैसे की परमेश्वर चाहते है | बाइबिल में कहा गया है कि एक पत्नी को अपने पति के अधीन होना चाहिए और उसके पति के मन में उसके प्रति विश्वास हो | बिना विश्वास के घर चलाना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन भी है |

वही दूसरी तरफ कहा गया है – कि हे पतियों अपनी पत्नी को निर्बल पात्र जानकर उनकी इज्जत करो | पति और पत्नी दोनों एक दूसरे का अंग है, यानि की पत्नी पति का ही शरीर है | किसी ने भी अपने शरीर से लड़ाई या नफरत नहीं की |

परमेश्वर का नियम यही कहता है कि किसी के बीच झगड़ा उतपन्न न करो | बुद्धि को ढूंढो क्योंकि व्ही है जो घर और जीवन चलाने की समझ देगा | सबसे प्रेम करो और किसी से भी घृणा मत करो | दुष्टो से दूर रहो, सबसे बड़ी आज्ञा ये है कि परमेश्वर का भय मानों |

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