जानिए, क्या है लॉकडाउन और सीलिंग में अंतर, किसमें मिलेगी कितनी छूट

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देश में कोरोना वायरस के मरीजों की संख्या में लगातार इजाफा हो रहा है. बिहार में भी कोरोना मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है. जब देश में 21 दिनों के लॉकडाउन की बात कही गई थी तो लोग तेजी से पलायन करने लगे थे. इससे इस बात का खतरा बढ़ गया था कि अगर लोग इसी तरह से पैनिक होते रहे तो कोरोना मरीजों की संख्या में और भी तेजी आ सकती है. इसके बाद केंद्र और राज्य सरकारों ने एक्शन लेते हुए उन्हें वहीं रहने का आवाह्न किया साथ ही उनके रहने खाने पीने की सुविधा मुहैया कराई गई. लेकिन देश के कई राज्यों में अभी भी कोरोना मरीज के कई हॉट स्पॉट बन गए हैं जिसके बाद से कई जिलों को सील कर दिया गया है.

कोरोना के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए देश के कई राज्यों के जिलों को सील कर दिया गया है ऐसे में हम समझेगें कि आखिर सीलिंग और लॉकडाउन में क्या अंतर होता है. सीलिंग में पूरे शहर को पूरी तरह से सील कर दिया जाता हैं या हम कह सकते हैं कि कर्प्यू की स्थिति होती है. यहां दुकानों पर पाबंदी होती है. यहां तक की दूध, दवा सब्जी और राशन तक की पाबंदी कर दी जाती है. लॉकडाउन के समय जिन लोगों को पास मिला होता है उनका पास भी यहां निरस्त कर दिया जाता है. डॉक्टरों, पत्रकारों को भी घरों से निकलने से मना कर दिया जाता है.

इसके बाद डोर-टू-डोर जाकर स्क्रीनिंग की जाती है. हर पॉजिटिव केस की संपर्क में आने वाले लोगों की पहचान की जाती है. ताकि कोई इस कड़ी में न छुट जाए. वही लॉकडाउन सीलिंग से काफी आसान होता है. इसमें लोगों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होता है. यहां आप आराम से दूध और राशन लेने की आजादी होती है. लॉकडाउन में आप दवा, राशन, सब्जी को आप आसानी से खरीद सकते हैं.

स्त्रोतः-https://www.timesnowhindi.com/india/article/whats-the-difference-between-lockdown-sealing-know-in-hindi/288187

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