जमीन रजिस्ट्री के नियमों में बदलाव से लोग हैं परेशान

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सरकारी स्तर पर जमीन के रजिस्ट्री के नियमों में बदलाव होने से समस्तीपुर क्षेत्र के लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लोग अपने नाम जमाबंदी तथा करेंट रसीदवाली जमीन की रजिस्ट्री करते हैं। कातिब चालान की राशि भी जाता है, मगर रजिस्टार के पास जाने के बाद यह ज्ञाता होता है कि रजिस्ट्री हो ही नहीं सकती है। गौरतलब है कि शुक्रवार को किशनपुर स्थित रजिस्ट्री ऑफिस में सन्नाटा फैला था। कर्मचारियों के पास कोई कार्य नहीं था। रजिस्ट्रार प्रियदर्शन ने बताया कि इस अधिसूचना के जारी किय जाने के बाद विक्रेता के नाम से जमाबंदी अनिवार्य है, इसके साथ ऑनलाइन में उसका खाता-खेसरा भी उल्लेखित होना जरूरी है। अधिसूचना के जारी होने से पूर्व इस महीने के चार दिनों में 281 जमीन की रजिस्ट्री की गई थी।

अधिसूचना जारी किये जाने के दो दिनों के बाद चालान जमा कर कागज लाते थे तो वह सही नहीं होने के वजह से जांच मे छांट दिया जाता था. 12 अक्टूबर को कातिब भरत राय द्वारा खता खोला गया और 15 अक्टूबर तक उन्होंने लगातार छह कागजात का काम पूरा करवाया। अधिसूचना जारी होने बाद अबतक 16 रजिस्ट्री हुई. वहीं सरकार द्वारा निर्धारित राजस्व की वसूली अबतक शत-प्रतिशत और सितंबर माह में डेढ़ सौ प्रतिशत होने की जानकारी दी गई. यह बताया गया कि वर्ष 1916 से पूर्व जिन व्यक्ति के नाम से जमाबंदी दर्ज है, उनका भी निबंधन भरने समय असंभव हो गया है। उनकी जमाबंदी ऑनलाइन चेक करने पर खाता-खेसरा की जगह शून्य लिखा हुआ दिखता है।

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