सरकार के लाखों रुपये से बनी मधुबनी पेंटिंग की रंग होने लगी फिकी

0
615

पटना में दीवारों पर बनी मिथिला पेंटिंग सबका ध्यान अपनी ओर खींचती है. लेकिन अब इस पेंटिंग का रंग फीका पड़ता जा रहा है. कई जगहों पर तो दीवार से पपड़ी निकल रहे हैं तो वही कई जगह दीवार के सामने कुड़ा फेंक दिया गया है. कई जगहों पर इन पेंटिंग पर विज्ञापन चिपका दिए गए है. जिससे अब पेंटिंग की खुबसुरती बेकार होती जा रही है.

मिथिला पेंटिंग की शुरुआत सन 2018 में छठ के मौके पर मिथिला संग मगध मुहिम के तहत शहर को गंदगी से बचाने के लिए शुरु की गई थी. पटना स्मार्ट सिटी के तहत यह अभियान शुरू किया गया था. छठ में पहली बार गार्डिनर रोड अस्पताल के पास गंदगी साफ कर राम-सीता वाली मधुबनी पेंटिंग बनाई गई थी. छज्जूबाग सहित पूरे पटना की दीवारों को छह माह में पेंटिंग से रंग दिया गया था. पटना की दीवारों पर परंपरागत चित्रकला के अतिरिक्त कई सामाजिक संदेश देने वाले चित्र भी बनाए गए थे. उसके बाद पूरे शहर में इस अभियान को चलाया गया. जिसमें बुद्ध, गांधी, महावीर के संदेश को भी लिखा गया है.

जितनी खुबसुरती और उमंग के साथ दीवारों पर पेंटिंग बनाई गई थी लेकिन उसके कुछ हि दिनों के बाद दीवार पर बनाई गई मिथिला पेंटिंग पर पोस्टर चिपकाने या उसके सामने कुड़ा फेंकना अब पटना में आम हो गया है. मोइनुल हक स्टेडियम के मुख्य गेट सहित कई जगहों पर पेंटिंग पर पोस्टर चिपके दिखाइ दे रहे हैं. अब तो कई लोग पेंटिंग के आगे गंदगी भी फैलाते नजर आने लगे हैं. पेंटिंग के सामने अपने घर का कुड़ा कचरा भी जमा कर दे रहे हैं. बुद्धमार्ग पटना जंक्शन इलाके के आसपास ऐसे दृश्य बिल्कुल आम हैं. पाटलिपुत्र खेल परिसर की दीवारों पर भी चित्रकारी की गई थी लेकिन कुछ दिनों के अंदर ही दीवार से सटे पथ निर्माण की ओर से फ्लावर बेड का निर्माण कर लगभग दो फीट चित्रकारी की दीवार को ढ़क दिया गया है.

जब मिथिला पेंटिंग बनाई जा रही थी तब नगर निगम के अधिकारियों ने दावा किया था कि इसमें इस्तेमाल किए जा रहें पेंट उच्च गुणवत्ता के हैं जिससे की दीवारों पर लबें समय तक चमक बनी रहेगी. खराब नहीं होगी. लेकिन वर्तमान में जो स्थिति है वह एक दम उससे उलट है. दीवारों पर से चमक गायब होने लगी है. लेंबे समय तक पानी जमा रहने के कारण दीवारों से कलर गायब होने लगा है. अब दीवारों पर पानी से धुलाई की जरूरत है जहां पर पेंटिंग पूरी तरह से खत्म हो गए है वहां फिर से पेंटिंग कराने की जरूरत है. सरकार की तरफ से लाखों रूपयें से बनाई गई पेंटिंग का रंग धुंधला हो रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here