गंडक बेकाबू होने से सारण मुख्य बांध टूटा, सीवान में बाढ़ का खतरा

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नेपाल द्वारा बाल्मीकी नगर बराज में साढ़े चार लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद से गोपालगंज में गुरुवार को गंडक नदी बेकाबू हो गई थी. उसके बाद गुरुवार देर रात करीब 1 बजे देवापुर में पुल टूट गया. वहीं 12 से अधिक स्थानों पर पानी के तटबंध के ऊपर से बहने की स्थिति बन गई है. विश्वंभरपुर में जलस्तर खतरे के लाल निशान से दो मीटर ऊपर पहुंच गया है. बीस से अधिक जगहों पर रिसाव से तटबंध के टूट जाने का खतरा बढ़ गया है.

गंडक का तटबंध टूटने से बाढ़ का पानी बरौली और मांझा प्रखंड के 12 से अधिक गांवों में घुस गया है. वहीं बाढ़ से अबतक 45 गांव पूरी तरह प्रभावित है. सलेमपुर मठिया टोला के सामने छरकी के किनारे स्थित दुर्गा मंदिर के छत तक पानी पहुंच गया है. वहां पीछे की तरफ नदी छरकी में कटाव कर रही है. सिधवलिया थाने के हसनपुर गांव के पास बाढ़ का पानी छरकी से ओवर टॉप की स्थिति में पहुंच गया है.

इधर सारण में सरफरा व देवापुर गांव के पास छरकी व सारण बांध में कई स्थलों पर तेज रिसाव हो रहा है. जलसंसाधन विभाग तटबंध को बचाने में जुटा है. नदी के जलस्तर में तेजी से लगातार वृद्धि हो रही है. बाढ़ से सहमे तटवर्ती गांवों के ग्रामीण लगातार पलायन कर रहे हैं. इंजीनियरों ने बताया कि गंडक नदी विशम्भरपुर में लाल निशान से 2 मीटर, पतहरा में 170, डुमरिया घाट में 145 व मटियारी में लाल निशान से 1 मीटर ऊपर बह रही है. जिससे बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है. सारण बांध व छरकियों पर पानी का दबाव बढ़ गया है.

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