मनु महाराज ने ठाना है, नक्सलियों को भगाना है

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वर्दीधारी मोटरसाइकिल सवारों का एक काफिला गुरूवार को चकाई से सीधे जा पहुंचा जिले के चकाई थाना क्षेत्र के घोर दुरूह जंगल स्थित अतिनक्सल प्रभावित पंचायत बोंगी और बरमोरिया, यह इलाका माओवादियों की शरणस्थली माना जाता है और यह इलाका बिहार झारखंड के सीमा पर स्थित है। इस इलाके के स्थानीय लोग जब तक कुछ समझ पाते, तब तक दोनों पंचायतों के कई गांवों में ताबड़तोड़ छापामारी शुरू हो चुकी थी।

जी हाँ, बिलकुल सही समझा आपने, इस इलाके में गुप्त छापेमारी चल रही थी, और उस जांबाज वरीय पुलिस अधिकारी के नेतृत्व में जिसे बिहार का सिंघम कहा जाता है। सिंघम, यानी मुंगेर रेंज के डीआइजी मनु महाराज, आज फिर से जमुई जिले में थे और निशाना बनाया था चकाई थानाक्षेत्र के नक्सल प्रभावित उन गांवों को जहां बीते दिनों नक्सलियों ने खूनी खेल खेलते हुए गुरूड़बाद गांव के दो लोगों की पुलिस मुखबिर बताकर हत्या कर दी थी।

नक्सली वारदात में मारे गए दोनों ग्रामीण के परिजनों से भी डीआईजी मुलाक़ात की और उन्हें सान्तवना दिया। इसके पहले मनु महाराज दोनों पंचायतों के लगभग दर्जन भर गांवों में गए, और नक्सलियों के संभावित ठिकानों पर क्षेत्र प्रभुत्व को चलाते हुए वहां छापामारी भी किया। बरमोरिया पंचायत के जंगल से सटे गांवों एवं पहाड़ों के तलहटी वाले क्षेत्र टोलापहाड़, दुबेडीह, सिमराढाब, बरमोरिया,बरखूटिया, गुरुड़बाद, नेहालडीह, हासिकोल, राजाडूमर, आदि स्थानों पर भी छापेमारी किया।

जानकारी के अनुसार, डीआईजी मनु महाराज गुरुड़बाद गांव में 15 दिन पूर्व नक्सली हमला में मारे गए ग्राम कचहरी सचिव मोहम्मद उस्मान अंसारी एवं ग्राम सदर गुलाम अंसारी के परिजनों से मिले थे, उन्होंने दोनों के परिवार को सांत्वना दी एवं ग्रामीणों एवं परिजनों को भरपूर सुरक्षा देने का आश्वासन भी दिया था। आपको बता दें की गुरुड़बाद में हुए नक्सली हमला के बाद इस घटना में शामिल आरोपित नक्सलियों को पकड़ने के लिए लगातार बिहार एवं झारखंड के पुलिस कांबिंग ऑपरेशन रहा है और इसकी कमान आज डीआईजी मनु महाराज ने संभाली हुई थी। इस अभियान में अधीक्षक जे रेड्डी ,एसपी अभियान सुधांशु कुमार सहित भारी संख्या में पुलिस बल इनके साथ थे।

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