फ्री प्लेन टिकट और मेडिकल इश्योरेंस देने के बाद भी काम पर वापस नहीं लौट रहे हैं प्रवासी मजदूर

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मार्च में जब पूरे देश में संपूर्ण लॉकडाउन का ऐलान हुआ था उस समय पूरे देश में प्रवासी मजदूरों के घर जाने को लेकर अफरा तफरी का माहौल था. प्रवासी मजदूर पैदल ही घऱ जाने को तैयार थे. अपने गांव लौट रहे थे. अकेल बिहार सरकार का आंकड़ा है कि लॉकडाउन के दौरान बिहार में करीब 20 लाख प्रवासी मजदूर आए हैं. लेकिन अनलॉक में प्रवासी मजदूरों को कंपनियां एक बार फिर से काम पर बापस बुला रही है तो वे जाने के लिए तैयार नहीं होरहे हैं.

आपको बता दें कि मुंबई की कंपनियां उन्हें वापस लाने के लिए हवाई जहाज के टिकट फ्री में दे रही हैं. इसके अलावा मेडिकल इंश्योरेंस भी दिए जा रहे हैं. साथ ही कंपनियां ज्यादा पैसे भी देने को तैयार हैं. इसके बावजूद मजदूर वापस लौटने के लिए तैयार नहीं दिख रहे. रियल एस्टेट डेवलपर राजेश प्रजापति ने कहा, ‘हम प्रवासी श्रमिकों को वापस लाने की पूरी कोशिश कर रहे हैं. यहां तक ​​कि उन्हें हवाई टिकट, COVID-19 स्वास्थ्य बीमा और डॉक्टरों द्वारा साप्ताहिक चेकअप की भी सुविधा दे रहे हैं. इसके बावजूद वो आने को तैयार नहीं हैं.’

प्रॉपर्टी बाजार की कई कंपनियों ने कहा कि हमने लॉकडाउन के दौरान भी मजदूरों को पैसे जारी रखे. लेकिन अभी भी नके 4500 श्रमिकों में से मात्र 30 प्रतिशत ही काम पर बापस लौट पाए हैं. मजदूरों को फिर से शहर कि ओर लौटने के कई कारण मे है उनमें उनका रहने का खर्च और अभी तो देश में ठीक से यातायात की सुविधा भी शुरू नहीं हुईहै ऐसे में लोग शहर कि ओर आने से डर रहे हैं.

स्त्रोतः-https://hindi.news18.com/news/nation/despite-air-tickets-and-covid-19-insurance-mumbai-firms-struggle-to-lure-migrant-workers-back-3186989.html

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