सरकारी अधिकारी अब बिजली खपत करने में रहे सावधान, वर्ना खुद भरने पड़ेंगे पैसे

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अक्सर सरकारी दफ्तरों में बेवजह पंखे को झूलते देखा जाता है. दिन में भी बल्ब और टयूबलाइट सूरज की रौशनी से मुकाबला करते दिखाई देते है. यही कारण है की बिजली नियंत्रण के लिए अब सरकार को ही विभागों में इस्तेमाल हो रही बिजली की देख रेख के लिए आगे आना पड़ा. बिजली की बर्बादी के मद्देनज़र अब सरकार, सरकारी कार्यालयों में खपत होने वाली बिजली का डाटा तैयार करने जा रहा है. साथ ही अब वैसे अधिकारियों पर भी पैनी नज़र रखेने का आदेश दिया है जो औसत से अधिक बिजली खपत करते आ रहे हो. ऐसा करने वाले अधिकारियों की एक सूची तैयार कर उनसे ही सम्बंधित विभाग की एक्स्ट्रा खपत हो रही बिजली बिल के पैसे लिए जायेंगे.

डाटा तैयार करने के लिए सचिवालय से लेकर जिला और प्रखंड कार्यालयों में बिजली मीटर लगवाई जा रही है. बिजली खपत में नियंत्रण लाने के लिए पिछले दिनों मुख्य सचिव दीपक कुमार ने बैठक की थी, आयोजित बैठक में बिजली बचाव को लेकर कई नीतिगत निर्णय पर मुहर लगायी गयी है. जिनमे से एक कार्यालयों में इस्तेमाल होने एसी के मद्देनज़र थे. निर्णय के अनुसार अब एसी का तापमान 24 डिग्री सल्सियस से कम नहीं होना चाहिए. बिजली और बल्ब का इस्तेमाल सिर्फ ज़रुरत अनुसार ही होगा. बल्ब और लाइट का इस्तेमाल कम से कम हो इस बाबत भवन निर्माण विभाग सरकारी कार्यालयों में ऐसे बदलाव करने जा रहा है जिससे कि कार्यालय में रौशनी का आना जाना सही ढंग से होता रहे. दिन के समय में कार्यालय के भीतर पर्याप्त रोशिनी आते रहे. ताकि अधिकारी कम से कम बिजली उपकरणों का इस्तेमाल करे.

इसके आलावा अब सभी सरकारी कार्यालयों में हर एक सेक्शन में इस्तेमाल होने वाली बिजली का डाटा तैयार किया जायेगा जिसके लिए हर सेक्शन में सब मीटर लगाये जायेंगे. जिससे की अधिक बिजली खपत करने वाले विभाग की जानकारी प्राप्त करने में पारदर्शिता आ जाएगी.

ज़रुरत से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वाले विभागों में जांच पड़ताल की जाएगी. खासकर की इस बात की देख-रेख की जाएगी की किस सेक्शन के अधिकारियों या कर्मचारियों के कारण बिजली की बर्बादी हुई है साथ ही साथ यह भी सरकार यह भी सुनिश्चित करेगी कि लापरवाह अधिकारियों से बिल की वसूली भी की जा सके.

ज्ञात हो बिजली खपत को लेकर नियम क़ानून सितम्बर 2018 में ही बनाये गए थे. जिसके पश्चात पिछले साल की तुलना में इस साल सितम्बर में सरकारी विभागों में कम बिजली खपत का टास्क दिया गया था. इसी तरह अक्टूबर 2018 की तुलना में अक्टूबर 2019, नवम्बर 2018 की तुलना में नवम्बर 2019 में कम बिजली खपत करने का टास्क दिया गया है. इसी क्रम का अनुपालन आने वाले महीनो में भी किया जायेगा.

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