कभी एक बेटा के लिए घर से निकाल दिया गया था, आज हैं 1400 अनाथ बच्चो की माँ…

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कहते है एक माँ तो माँ ही होती है | ऐसी ही एक कहानी है मध्यप्रदेश के ताई की जिनका न तो खुद का कोई घर था और न ही कोई भरण पोषण करने वाला | लेकिन इन हालातो में भी ताई ने एक दो नहीं बल्कि कई बच्चो का पालन पोषण किया और अब उनके नाती पोतो समेत करीब 1400 बच्चे है| ताई ने 3 बेटो को जन्म दिया परंतु जब वो बेटी की माँ बनने वाली थी तो उनके पति ने उनको बेघर कर दिया क्योकि उन्हे बेटी नहीं चाहिए थी, और ताई को 3 बेटो और 1 बेटी के साथ भीख मांगने पर मजबूर होना पडा |

इन्ही हालातों में उन्होंने एक बड़े काम की भी शुरुआत की, ताई ने कई अनाथ बच्चो को गोद ले लिया और उनका भी पालन पोषण करने लगी | गोद लिए गये बच्चो में भेदभाव न हो इसकी वजह से उन्होंने अपनी बेटी किसी और को पालने के लिए दे दिया, अब वो बेटी भी बड़ी होकर अनाथ आश्रम चला रही है | ताई के पास 36 बेटे 25 बहुएँ और 250 दामाद भी है, सभी को मिलाकर कुल 1400 बच्चो की माँ बन चुकी ताई अब 75 सालो की हो चुकी है | ताई अपने नाती पोतो के साथ अपना खुशहाल जीवन बिता रही है, उनके बेटे, बहुएँ, बेटी, दामाद, नाती, पोते सभी उनके साथ ही रहते है और उनके हरेक काम में उनका हाथ भी बँटाते हैं |
एक समय था जब इनकी जरुरत किसी को भी न होने की वजह से उनके पति समेत उनके माता पिता ने भी उनको घर से बेघर कर दिया था | 5 सालो के बाद उनका पति उनके पास आया और उसने ताई से माफ़ी मांगी, ताई ने उनको माफ़ तो किया ही साथ में उनकी भी देखभाल की |

ताई को कई पुरुस्कारो से भी सम्म्मानित किया गया है जिनमे अमिताभ बच्चन और आमिर खान के द्वारा उन्हें विशेष पुरुस्कार प्रदान किये गए है | ये कहानी उन तमाम महिलाओ के लिए प्रेरणादायक है जो हालातो से मजबूर होकर, अपने जीवन से निराश कोई गलत कदम उठाती है या फिर अपने जीवनलीला को समाप्त कर लेती है | ऐसी महिलाओ को ताई की तरह ही हालातो से निपटने का साहस करना चाहिए |

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