डेढ़ लाख प्रतिभागियों को पीछे छोड़, बिहार के श्लोक ने MTV पर बिखेरा अपना जलवा

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जिंदगी की व्यस्तताओं में, कुछ जिम्मेदारियों में तो कुछ अर्थ के अभाव में शौक न जाने कहाँ दफन हो जाते हैं। लेकिन जिंदगी के साथ ही साथ कुछ वक्त के लिए ही सही जिस शौक को हम ज़िंदा रख पाते हैं, अपनी जुनूनीयत के नजरों से उसे देखते हैं और दिल की गहराइयों से उसे चाहते हैं तो वह एक दिन एक खुबसूरत-सा मुकाम जरूर लाती है. बिहार के श्लोक की कुछ ऐसी ही दास्तां हैं, अर्थ की तंगी की वजह से सही ढंग से संगीत का प्रशिक्षण नहीं ले सके. लेकिन दिल की चाहत ने वो मुकाम दिया, वो पहचान दी जो उन्हें लाखों में विशेष बनाती है।

बिहार(Bihar) के श्लोक(Shalok) ने एमटीवी(MTV) द्वारा आयोजित रैप शो में अपनी कामयाबी का परचम लहराया है। एमटीवी के तरफ से आयोजित रैप शो में उन्होंने गाना गया है और अपना जलवा बिखेरा है। टॉप फाइव में आकर उन्होंने पूरे बिहार को गौरवान्वित किया है. एमटीवी की तरफ से रैंप शो ‘हसल’ का आयोजन किया गया था। इसमें पूरे देश से लगभग डेढ़ लाख से भी अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। बिहार के श्लोक उन डेढ़ लाख हो पीछे छोड़कर पाँचवे स्थान पर अपना नाम सुनहरों अक्षरों में दर्ज करवाया है। श्लोक ने शानदार परफॉर्मेंस दिया। उनके गीतों को सुनकर लोग मुग्ध हो गये और चारों ओर से तालियों की गूँजें उठ रही थी.

फेसबुक पर श्लोक ने खुद के बारे में लिखा है – ‘माटी के घर से “हसल” मंच तक सफर रहा काफी ये तगड़ा। गर्व है सबका शुक्रिया।’ इसेक पूर्व उन्होंने अपने फेसबुक पोस्ट में लिखा है – ‘अंततः “हसल” का पहला अध्याय खत्म हुआ।यह ऐतिहासिक क्षण था, जिसका हिस्सा बन पाना ही मेरे लिए गर्व की बात है।

“हसल” का शुक्रिया! जिसने मुझे एक कलाकार के तौर पर पहचान दी। बिहार के श्लोक दरभंगा के रहने वाले हैं। उन्होंने अपने फेसबुक पर आगे लिखा है कि इतने बड़े मंच पर अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करने का मौका मुझे मिला, मैं अपनी हर वह बात कह सका जो मैं कहना चाहता था। मेरा खोया हुआ परिवास मुझे मिला साथ ही साथ मुझे यहाँ एक नया परिवार भी मिला। इसने इतना कुछ मुझे दिया है कि यदि मैं “हसल” से जुड़े एक-एक व्यक्ति का ताउम्र शुक्रिया अदा करूं, तो फिर भी कम होगा। उन्होंने कहा है कि हृदय में एक कसक रह गया कि जीत नहीं पाया, पर आप सब मेरी जीत हो। यही प्‍यार और सम्‍मान मैंने कमाया। मेरे साथ बने रहने और मुझमें इतना विश्वास दिखाने के लिए में सभी के प्रति अपना प्रेम एवं आभार व्यक्त करता हूँ।’

बता दें कि श्‍लोक दरभंगा(Darbhanga) के खराजपुर स्थित विजयाटोला के रहनेवाले हैं। वे बेहद गरीब परिवार से हैं। उनके पिता प्राइवेट कंपनी में सेल्‍समैन हैं। आर्थिक परेशानी की वजह से उन्होंने संगीत का सही ढंग से प्रशिक्षण नहीं ले सके. उन्होंने अपनी पढ़ाई के साथ रैप सांग भी बनाने लगे और उनके साथियों में मोबाईल से वीडियो बनकर सोशल मिडिया पर भी अपलोड करने लगे. लोगों का प्यार और प्रोत्साहन मिलता और बढ़ता चला गया और उन्होंने यहाँ तक का सफर पूरा कर लिया।

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