PHED मंत्री का बड़ा बयान, नल-जल योजना में लापरवाह अधिकारियों पर गिरेगी गाज

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मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के जनता दरबार में सोमवार को नल जल योजना से जुड़ी शिकायत पहुंची. एक तरह से अगर हम कहें तो नल जल योजना को लेकर सबसे ज्यादा मामले सामने आए हैं. जिसके बाद पीएचइडी सचिव ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि दोनों शिकायतों को जल्द से जल्द दुरुस्त कर विभाग को रिपोर्ट भेज दें. अब इधर विभाग का कहना है कि नल जल योजना में कोई गड़बड़ी नहीं हो और लोगों तक हमेशा शुद्ध पानी पहुंचे, इसको लेकर सोशल व तकनीकी ऑडिट कराया जा रहा है. इससे लाभुकों से योजना संबंधित जानकारी ली जाती है. क्योंकि राज्य सरकार ने योजना को 50 वर्षों तक लोगों को शुद्ध पानी पहुंचाने के लक्ष्य को ध्यान में रखकर बनाया है.

अब इधर इस पूरे मामले को लेकर PHED के मंत्री डॉ. रामप्रीत पासवान ने कहा कि सात निश्चय पार्ट-2 मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की महत्वकांक्षी योजना है. इसके तहत हर घर नल का जल पहुंचाना हमारे विभाग की बड़ी जिम्मेदारी है. हमने इसे चुनौती के रूप में लिया है. बिहार के सभी ग्रामीण इलाके में लोगों के घरों में नल का जल उपलब्ध कराया जा रहा है. अधिकारी सात निश्चय पार्ट टू के अंतर्गत हर घर नल का जल या अन्य योजना में पूजा समझकर काम करें. अगर कार्य में लापरवाही बरतते हैं तो ऐसे लापरवाह पदाधिकारी पर कार्रवाई होगी. पिछले दिनों हमने दो अभियंताओं पर काम में लापरवाही बरतने के कारण कार्रवाई की है. उन्होंने यह भी कहा है कि इस साल के अंत तक हर घर नल का जल योजना में जहां भी कोई कमी होगी उसे ठीक किया जाएगा. हर घर को नल का जल मिलेगा. मैंने अपने विभाग के लापरवाह अधिकारियों को सचेत किया है. उनसे कहा है कि काम में कहीं भी कोई भी गड़बड़ी होगी तो मैं नहीं छोड़ूंगा. ऐसे लोगों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई होगी और उसे सस्पेंड किया जाएगा.

पीएचईडी मंत्री ने कहा, “मुंगेर जिला के कुल 101 पंचायतों में से 62 पंचायतों में पीएचईडी विभाग द्वारा काम कराया गया है. 22 पंचायतों में पंचायती राज विभाग और लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा मिलकर काम किया गया है. 17 पंचायतों में पंचायती राज विभाग द्वारा काम किया गया है. मुंगेर शहरी जलापूर्ति योजना का काम लगभग पूर्ण है. इसका हस्तांतरण नगर निगम मुंगेर को कराने के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है.”

इधर योजना में गड़बड़ी को लेकर बताया जा रहा है कि संवेदकों को ब्लैक लिस्ट किया जायेगा और उन पर आर्थिक दंड भी लगाया जायेगा. जिन वार्डों में संवेदक को विभाग ने जो भी काम लिखित रूप में दिया गया है. उसमें गड़बड़ी करने वालों पर FIR तक करने का निर्णय लिया गया है. तकनीकी ऑडिट में मिली गड़बड़ी के बाद विभाग गंभीर विभगा की ओर से छह हजार वार्डों में तकनीकी ऑडिट किया जा रहा है.

विभाक तकनीकी ऑडिट के तहत

पाइप, मोटर, टोटी की क्वालिटी.
कितनी गहराई में पाइप डाली गयी है, जहां तक पाइप लाइन बिछाना था वहां तक गया है या नहीं
पाइप की क्वालिटी खराब रहने से लाइफ व पानी की गुणवत्ता पर कितना असर पड़ेगा.

सोशल ऑडिट भी होना है इसके तहत कब से घर में पानी आ रहा है, पानी पहुंचाने के दौरान आपसे किसी तरह की कोई मांग तो नहीं की गयी, पानी कितनी देर आता है और उसका फोर्स कैसा रहता है, योजना में खराबी आने के बाद कितनी देर में ठीक होता है.

PHED विभाग के सचिव जितेंद्र श्रीवास्तव ने बताया कि सीएम नीतीश कुमार द्वारा लगाए जा रहे जनता दरबार में दरभंगा और कटिहार से शिकायत आयी है. इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि दरभंगा में बाढ़ के कारण काम में देरी हो सकती है लेकिन कटिहार में काम तुरंत ठीक होगा. वही. सोशल ऑडिट को तेज किया गया है ताकि योजना का लाभ लेने वाले लाभुकों को फी़डबैक मिल सकें.

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