एनजीटी ने लगा दी है रोक, अभी नहीं होगी बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती

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बिहार में बालू घाटों की बंदोबस्ती पर रोक लग गई है. एनजीटी ने ई-टेंडरिंग प्रक्रिया को वाद के अंतिम निष्पादन तक के लिए रोक दिया है. एनजीटी के आदेश के बाद खान एवं भूतत्व विभाग के प्रधान सचिव हरजोत कौर बम्हरा ने इस विषय में इस मसले के सम्बंधित सभी जडिएम को आदेश दे दिया है.

गौरतलब है कि बिहार में बालूघाटों की प्रक्रिया शुरू हो चुकी थी. बिहार के राजधानी पटना सहित 11 जिलों में यह ई-नीलामी होगी। खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा इसकी प्रक्रिया प्रारम्भ की जा चुकी थी. खान एवं भूतत्व विभाग के द्वारा पत्र के माध्यम से 11 जिलों के समाहर्ताओं को आगे की कार्रवाई का आदेश भी दिया था. विभाग के द्वारा योग्य एजेंसी की तलाश वर्ष 2020 से अगले पांच वर्षों के लिए घाटों की नीलामी के लिए शुरू भी की जा चुकी थी.

बता दें कि 6 नवंबर तक बिहार बालू खनन नीति 2019 के प्रावधानों के अनुसार सारी प्रक्रिया पूरी कर ली जानी थी और 2013 के अनुरूप पुरानी बालू नीति इस वर्ष समाप्त भी हो रही थी. सरकार ने बालू खनन नीति की खामियों को दूर करने के लिए नई नीतियों को भी बनाया। जिसके तहत दो से अधिक घाटों या 200 हेक्टेयर से अधिक प्रक्षेत्र की बंदोबस्ती किसी एजेंसी को नहीं दी जाएगी। किसी व्यक्ति, फर्म, कंपनी या एजेंसी को भी इससे अधिक की बंदोबस्ती नहीं दी जाएगी। बालू बंदोबस्ती के ये प्रावधान सोन, फल्गू, चानन, मोरहर व किउल नदी के लिए निर्धारित किया गया था.

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