कोरोना को लेकर तेजस्वी हमला, कोरोना कंट्रोल करने में फेल हो गई नीतीश सरकार

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बिहार में वर्तमान में बाढ़ और कोरोना दोनों का खतरा है. कोरोना के मामले में तेजी से इजाफा हो रहा है. प्रदेश में अब तक 33 हजार से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो गई है. प्रदेश में अब 1000 से ज्यादा कोरोना मरीजों की पुष्टि हो रही है. प्रदेश में रिकवरी रेट भी घट गया है. और इधऱ कोविड से मरने वालों की संख्या में भी इजाफा हुआ है. अब तो कोरोना से स्वास्थ्यर्मी, नेता और अधिकारियों की भी मौत हो रही है. इस कोरोना संक्रमण को लेकर विपक्ष लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर है. तेजस्वी यादव ने नीतीश सरकार को कोरोना काल में फेल करार दिया है.

 

तेजस्वी यादव ने लगातार दो ट्वीट किए जिसमें उन्होंने लिखा, यदि हम COVID डेटा को देखते हैं, तो यह बिहार में नेतृत्व की भारी विफलता का संकेत देता है. सरकार के स्तर पर दिशा और रणनीति का स्पष्ट अभाव है. जब न्यूनतम दैनिक परीक्षण की आवश्यकता 10 हजार थी, तो बिहार ने मुश्किल से 3 हजार किया. परीक्षण के तहत, नीतीश जी कोरोना के आंकड़े कम दिखाना चाहते थे.

इसके अगले ट्वीट में उन्होंने लिखा, दरअसल कम टेस्टिंग की वजह से बिहार में बड़े पैमाने पर संक्रमण फैला और इसकी वजह से लोग तेजी से पॉजिटिव हुए. जून के बाद से, रिकवरी दर में कमी आ रही है और मृत्यु दर बढ़ रही है. आज जब प्रति दिन परीक्षणों की मांग 40 हजार है, बिहार केवल 10 हजार कर रहा है.

प्रदेश में कोरोना संक्रमित मरीजों का आंकड़ा 22 जुलाई को 1502 केस मिले और आंकड़ा 30066 पहुंच गया. 23 जुलाई को बिहार में 1625 केस मिले कुल संक्रमितों की संख्या 31691 हो गई एवं 24 जुलाई को 1820 मामले सामने आने के साथ की कोरोना संक्रमितों की संख्या 33691 पहुंच गई.

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