नीतीश कुमार के सामने हैं ये बड़ी चुनौतियाँ

0
200

इस साल सभी की नजर बिहार चुनाव पर अटकी थी। आखिरकार जनता किसे अपना सरकार चुनेगी और एक बार फिर से किसपर अपना विश्वास जतायेगी। जनता का फैसला निस्सन्देह एनडीए पर है। जनता ने एनडीए को एक बार फिर से सरकार बनाने का मौका दिया है लेकिन विपक्ष पार्टी इस चुनाव में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी हैं। राजद ने भाजपा से एक सीट ज्यादा लाने में कामयाब रही है. वहीँ दूसरे नंबर पर भाजपा है और सीएम नीतीश की पार्टी तीसरे नंबर पर चली गई है जो साफ यह दर्शाती है कि नीतीश कुमार पर से लोगों का विशवास घटा है. हालाँकि इस चुनाव में लोजपा ने भी वोटकटवा की भूमिका निभाई है जिससे जदयू को काफी नुकसान हुआ है.

नीतीश कुमार यूँ तो विपक्ष के निशाने पर बने रहते हैं. भाजपा के साथ गठबंधन किये जाने को लेकर तेजस्वी और लालू यादव नीतीश कुमार पर हमला बोलने से नहीं चूकते हैं. वहीँ जनता ने नीतीश कुमार की पार्टी से ज्यादा भरोसा भाजपा और राजद पर जताया है. भाजपा ने नीतीश कुमार को सीएम की कुर्सी भी दे दी है. लेकिन नीतीश कुमार का पलड़ा नीचे होने के नाते उन्हें दबाव का भी सामना करना पड़ सकता है. हालंकि नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि वे सीएम नहीं बनना चाहते हैं और एनडीए के कहने पर बन रहे हैं.

सूत्रों के हवाले से यह कयास भी लगाए जा रहे है कि अगले पांच सालों तक के लिए नीतीश कुमार सीएम पद पर नहीं रह सकते हैं. सम्भवतः उन्हें केंद्र में स्थान दे दिया जाये और बिहार में सीएम का पद भाजपा को सौंपा जाये। शिवानंद तिवारी ने सुशिल मोदी के सन्दर्भ में भी यह कहा है कि वे नीतीश कुमार के ज्यादा सहयोगी रहे हैं और भाजपा के नेताओं को आगे नहीं बढ़ने दे रहे थे जिस वजह से उन्हें हटाया गया है. चूँकि भाजपा पार्टी का विस्तार भी करना चाहती है , इसलिए यह हो सकता है कि आगामी पांच सालों में सीएम का चेहरा बदला जाये। वहीँ नीतीश कुमार के साथ सुशील मोदी की जोड़ी काफी चली है दोनों के बीच काफी अच्छा कॉम्बिनेशन रहा है और वे नीतीश के काफी अच्छे सहयोगकर्ता रहे हैं. नितीश कुमार ने कहा है भी है कि वे उन्हें बेहद मिस करेंगे।

नीतीश कुमार सीएम हैं और इस बार दो डिप्टी सीएम के साथ उन्हें मिलकर कार्य करना है. ऐसी स्थित में उन दोनों के साथ भी उन्हें अच्छे कॉम्बिनेशन बैठाने की आवश्यकता होगा। चूँकि सुशिल मोदी नीतीश के विचार के साथ एक थे लेकिन नए डिप्टी सीएम के साथ भी ऐसा हो , इसमें संशय है. वहीँ जनता के मांगों को लेकर भी नीतीश कुमार पर काफी दबाव है क्यूंकि राजद ने इस बार जनता के कई मुद्दों को लेकर चुनाव प्रचार में ज्वलंत मुद्दा बना दिया है. वहीँ नीतीश कुमार को कई ऐसे कार्य किये जाने हैं जो जनता के हित से जुड़ा हुआ हो. बिहार में बिजली, पानी, शिक्षा, सड़क, स्वास्थ्य में सुधार किया है लेकिन जनता के सामने मौजूदा समय में बेरोजगारी बड़ी समस्या है. वहीँ भ्रष्टाचार भी बड़ी समस्या के तौर पर उभरी है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here