मुख्यमंत्री नीतीश ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपराध और भ्रष्टाचार को लेकर कही ये बड़ी बात

0
240

गुरुवार को बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने बोला कि अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के साथ किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा, तथा सूबे में कानून का राज, विधि व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द्र का वातावरण बरकरार है। आपको बता दें कि 73वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर राजधानी पटना के गांधी मैदान में झंडारोहण करने के बाद जनता को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने बोला कि किसी विद्वेष एवं भेदभाव के बिना, सूबे में कानून का राज बरकरार किया गया है। प्रदेश में सामाजिक सौहार्द्र और सांप्रदायिक सद्भाव का वातावरण होने का दावा करते हुए उन्होंने बोला कि विधि व्यवस्था तथा अपराध अनुसंधान की विभिन्न इकाई व्यवस्था आज से हर थाने में लागू कर दी गई है। अपराध नियंत्रण के लिए गश्ती दल पर नजर रखने के उद्देश्य से गाड़ीयों में GPS उपकरण लगाए जाएंगे।

सीएम नीतीश ने बोला कि कभी भी भ्रष्टाचार से समझौता नहीं किया गया तथा न ही कभी किया जाएगा। किसी भी तरह का समझौता अपराध, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिकता के साथ नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि घूसखोरी, आय से ज्यादा संपत्ति रखने या फिर पदों के दुरूपयोग में संलिप्त, भ्रष्ट लोक सेवकों के खिलाफ सख्त तथा प्रभावी कार्रवाई कायम रहेगी तथा उन तत्वों को भी नहीं बख्शा जाएगा जो गैर-कानूनी प्रकार से पैसे एकत्र करने में संलिप्त हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि चाहे लोकसेवक हों, जनप्रतिनिधि हों, सार्वजनिक जिंदगी में क्रियाशील दूसरी कोई संस्था हो, सभी को ये समझना होगा कि घूसखोरी अथवा अनैतिक काम से एकत्र भले ही पल भर की खुशी दे पर आखिरकार नतीजा बुरा ही होता है। उन्होंने बोला कि बिहार में प्रशासनिक सुधार के क्षेत्र में भी काफी काम किया गया है। बिहार लोक सेवा अधिकार कानून 15 अगस्त 2011 से लागू हुआ जिसके तहत अभी तक 21 करोड़ 93 लाख आवेदनों का समाधान कर जनता को अलग अलग तरह की लोक सेवाएं एक तय समय सीमा के अंदर मौजूद कराया गया है। सीएम नीतीश ने बोला कि बिहार लोक शिकायत निवारण अधिनियम पांच जून 2016 से लागू किया गया जिसके द्वारा जनता को परिवाद के साथ-साथ तय समय सीमा के अंदर इसके समाधान का कानूनी हक़ दिया गया है। इसके जरिए अभी तक तकरीबन 5 लाख 21 हजार आवेदनों का निपटारा किया जा चुका है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here