बिहार में कोरोना की रिकवरी रेट पर विपक्ष ने उठाए सवाल, सरकार ने दिया यह जवाब

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बिहार में कोरोना टेस्टिंग की संख्या में वृद्धि हुई है. अब प्रदेश में 1 लाख से अधिक सैंपल की जांच एक दिन में की जा रही है. जिसमें 3 हजार से लेकर 3500 तक संक्रमित मरीजों की पुष्टि हो रही है. वहीं पिछले दो दिनों में प्रदेश में रिकवरी रेट में जबरदस्द इजाफा हुआ है. सोमवार को बिहार में 4 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर चले गए वहीं रविवार को भी 4 हजार से ज्यादा लोग ठीक होकर घर चले गए हैं ऐसे में विपक्ष सवाल उठा रहा है कि आखिर इतनी तेजी से लोग ठीक कैसे हो रहे हैं. विपक्ष इसे आंकड़ों की हेराफेरी बता रहा है. प्रदेश में इस समय कोरोना से ठीक होने वालों का प्रतिशत 73 प्रतिशत हैं.

प्रदेश में रिकवरी रेट को बोलते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने बताया कि हर कोई बेफिक्र होकर जांच करवाने पहुंच रहा है और सबसे बड़ी वजह है कि लोग जानते हैं कि होम आइसोलेशन की सुविधा मिल रही है, ऐसे में संकोच नहीं कर रहे हैं. स्थाथ्य मंत्री ने यह भी कहा कि राज्य में सवा 5 सौ वेंटिलेटर मंगवाए गए हैं. और संख्या बढ़कर 900 से ज्यादा हो गई है. जल्त ही राज्य सरकार को भारत सरकार नई कोबास 800 मॉडल की 2 मशीनें भी मुहैया करवा रही है. इस मशीन के आने के बाद एक बार में 3600 सैम्पल की जांच हो सकेगी.

आपको बता दें कि नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव प्रदेश में कोरोना टेस्टिंग को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं उन्होंने अपने ट्वीट में लिखा है कि बिहार में जब 10 हजार जांच हो रही थी तो प्रदेश में 3 हजार से 3500 सौ लोग कोरोना संक्रमित पाए गए थे. आज जब 75 हजार जांच हो रही है तब भी 3 हजार से 3500 संक्रमितों को पुष्टि हो रही है. उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसका मतलब है कि इसमें झोल है. आंकड़ों के साथ हेरा फेरी कीजा रहीहै. अब विपक्ष प्रदेश में कोरोना के रिकवरी रेट पर भी सवाल उठा रहा है.

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