OTP चुराकर आपके बैंक खाते में हो रही है सेंधमारी, तुरंत अपनाये ये आसान उपाय और बचें बैंकिंग फ्रॉड से!

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OTP यानी वन टाइम पासवर्ड एक ऐसी प्रक्रिया है जिसके बाद ही आप सफलतापूर्वक कोई भी ऑनलाइन ट्रांसक्शन कर सकते हैं. जब भी आप कोई भी ऑनलाइन ट्रांसक्शन करते हैं तब आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक वन टाइम पासवर्ड आता है जिसे डालने के बाद ही ट्रांसक्शन हो पायेगा.

तो आजकल ऐसा कुछ हो रहा है की डिजिटल चोर आपके अकाउंट में रखे सभी पैसे हजम कर जा रहे हैं. जी हाँ, यह OTP आपके उसी नंबर पर आएगा जो आपके बैंक खाते के साथ रजिस्टर्ड है लेकिन अब जो हो रहा है वह काफी ज्यादा खतरनाक है.

दरअसल अब कोई भी फ्रॉड आपके बैंक चला जाता है और वह अपने आप को आपके अकाउंट का असली मालिक बताता है और इसके बाद वह मोबाइल नंबर बदलने की मांग भी करता है. ऐसा करने पर उसे मोबाइल नंबर बदलने की प्रक्रिया वाली एक फॉर्म दी जाती है जिसमे वह आपका नंबर बदलवाकर अपना मोबाइल नंबर आपके अकाउंट के साथ रजिस्टर करवा लेता है जिससे जब भी वह कोई ट्रांसक्शन आपके अकाउंट से करना चाहे तो आखिर में OTP उसके नंबर पर आये.


यह काम कोई भी तब ही कर सकता है जब आपके बारे में वह बहुत कुछ जानता है जैसे आपके कार्ड का नंबर, आपके 3 अंकों का CVV जो कार्ड के पीछे होता है, आपका बैंक अकाउंट, आपका साइन करने का तरीका, अगर आप नेटबैंकिंग इस्तेमाल कर रहे है तो उसका यूजर आईडी और पासवर्ड जैसी चीज़ें।

हाल ही में एक ऐसा ही मामला दिल्ली के जनकपुरी से सामने आया है जिसमे अपराधियों ने ठीक इसी तरह से बैंक में रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर बदलवाकर करीब 11.50 लाख रूपये साफ़ कर दिए. छानबीन के दौरान पुलिस ने बताया की 31 अक्टूबर को करीब 2 लोग बैंक में आये और दूसरे के बैंक अकाउंट को अपना बताया और उसके बाद उस खाते से जुड़े मोबाइल नंबर को बदलने का आग्रह करके एक फॉर्म भर दिया।

जैसे ही मोबाइल नंबर अपडेट हुआ वैसे ही OTP उनके नंबर पर आ गयी और उन्होंने उस खाते से 11.50 लाख रुपये उड़ा दिए. बाद में जिस नंबर का इस्तेमाल OTP पाने के लिए किया गया उसे स्विच ऑफ कर दिया गया. आजकल OTP बदलकर अकाउंट साफ़ करने का तरीका खूब चल रहा है. चोरों को बस एक फ़र्ज़ी सिम लेना होता है और आपके बारे में कुछ जरुरी जानकारी जुटानी होती है.

कैसे बचें बैंकिंग फ्रॉड से:

>> एंटी वायरस और नवीनतम सुरक्षा उपायों का प्रयोग करें
>> अपने पासवर्ड को मजबूत बनाएं और बदलते रहें
>> ‘फिशिंग’ व ‘विशिंग’ से सावधान रहें
>> बैंक को अपनी नवीनतम जानकारी दें
>> सुरक्षित नेटवर्क से ही बैंक अकाउंट एक्सेस करें

इन सब के अलावा आपका बैंक भी हमेशा आपसे यही कहता है की कोई भी जानकारी किसी के साथ साझा न करे और हमेशा सेफ बैंकिंग करे. तो फिर सावधान रहिये और समझदार बनिए, और इन सब के साथ बिहारी न्यूज़ के साथ बने रहिये क्यूंकि हम रखते हैं हर खबर पर पैनी नज़र.

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