बिहार पंचायत चुनाव में अफवाहों पर कसी जाएगी नकेल

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बिहार पंचायत चुनाव की तारीख की घोषणा भले ही अभी तक नहीं हुई हो मगर चुनाव को लेकर तैयारी अभी से ही जारी है . हालांकि चुनाव कोई भी चुनाव आयोग और राज्य निर्वाचन आयोग के सामने किसी भी तरह के चुनाव को सफलतापूर्वक करवाना किसी चुनौती से कम नहीं होती है और आज का दौर तो सोशल मीडिया का दौर है इस दौर में सोशल मीडिया जितना हर एक आम नागरिक के लिए सहायक है तो उतना ही ये माहौल खराब करने का सामर्थ्य भी रखता है क्यूंकि आज के इस दौर में सोशल मीडिया का इस्तेमाल करने वालों की तदाद काफी ज्यादा है ऐसे में अगर कोई भी जानकारी साझा होती है तो इसे आग की तरह फैलने में समय नहीं लगता सोशल मीडिया कभी कभी आग में घी डालने का काम भी करती है खासकर की माहौल चुनाव का हो तो आराजक तत्व अपनी हरकतों पर उतर ही आते है और गलत जानकारी फैलाने का हुनर तो उनमे पहले से ही होता है इन हुनरमंदो पर नकेल कसने के लिए और पंचायत चुनाव को सही ढंग से करवाने के लिए सोशल मीडिया पर निर्वाचन आयोग की ख़ास नज़र रहने वाली है इसको लेकर बिहार पंचायत चुनाव के दौरान सी प्लान पर काम करने पर विचार विमर्श भी किया जा रहा है . बिहार में आगामी पंचायत चुनाव में गड़बड़ी को रोकने और गड़बड़ी करने वालों को चिन्हित करने के लिए विधानसभा एवम लोकसभा चुनाव की तरह ही इस बार त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए कम्युनिकेशन प्लान तैयार किया जा रहा है

अब आपको बताते है कम्युनिकेशन प्लान होता क्या है

कम्युनिकेशन यानी की संचार , विचारों संदेशो या सूचनाओं के आदान प्रदान के माध्यम से सुचना देने की गतिविधि है जैसे कि भाषण, दृश्य, संकेत लेखन या व्यवहार अगर और आसन भाषा में समझे तो यह दो व्यक्तियों या समूह के बीच सुचना का सार्थान अदान प्रदान है. वहीं अगर हम संचार योजना यानी की कम्युनिकेशन प्लान की बात करे तो तो यह योजना हितधारकों को सुचना, जानकारी प्रदान करने के लिए एक दृष्टिकोण है इस योजना के तहत यह तय किया जाता है कि किसको विशिष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कब उस जानकारी को दिया जाना चाहिए और सुचना देने के लिए कौन से संचार माध्यमो का इस्तेमाल किया जायेगा, आपको बता दे एक परिपूर्ण संचार योजना एक प्रभावी चुनाव प्रबंधन प्रणाली का अनिवार्य घटक है यह चुनावों के सूक्ष्म प्रबंधन, समवर्ती ट्रैकिंग और मुद्दों और मध्य और मध्य पाठ्यक्रम सुधार का मूल्याङ्कन करने में सख्षम बनाता है.

अब आपको बताते है कि इस प्लान की आवश्यकता क्योँ पड़ती है

कम्युनिकेशन प्लान धारणा प्रबंधन में मदद करता है और एक विशाल मनोवैज्ञानिक उपस्तिथि बनाता है, यह ज़रूरत पड़ने पर किये जाने वाले इंटरवेंशन के लिए प्राथमिकता तय करता है. चूँकि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव ना केवल एक अंतिम लक्ष्य है बल्कि अपने आप में एक प्रक्रिया भी है. प्रभावी सुचना प्रबंधन निर्वाचन प्रक्रिया को हर स्तर पर सक्रीय करती है. इस योजना के तहत सही व्यक्ति द्वारा सही स्थान से सही समय पर सही तरीके से सुचना प्राप्त करने या सुचना प्रदान करने के बारे में है. इसको लेकर अदिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाये जाते है

इसको लेकर किशनगंज के BDO परवेज़ आलम ने अपनी जानकारी साझा की है जिसके तहत उन्होंने बताया है कि जब भी चुनाव का आयोजन होता है अफवाहों का माहौल देखने को मिल जाता है हालांकि ऐसी स्थिति उत्पन्न ना हो इसको ध्यान में रखते हुए ही बिहार राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव योगेन्द्र राम ने जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह जिला पदाधिकारी को पत्र भेज कर कहा है कि त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के क्रम में निर्वाचन एवम मतदान के सफल सञ्चालन एवम अन्श्रावन के लिए प्रभावी कम्युनिकेशन प्लान की सख्त ज़रुरत है, इतना ही नहीं इस बाबत जिला निर्वाचन पदाधिकारी एवम निर्वाची पदाधिकारी एवम बीत स्तरीय कम्युनिकेशन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है प्राप्त निर्देश के आलोक ने जिला पंचायती राज पदाधिकारी ने सभी BDO को पत्र जारी कर बूथ स्तर पर कम्युनिकेशन प्लान तैयार करने का निर्देश दिया है इसकी जानकारी देते हुए परवेज़ आलम ने बताया है कि आमतौर पर चुनाव के समय ही माहौल बिगड़ने की संभावना देखने को मिलती है. इसिलिए अब कम्युनिकेशन प्लान बेहद ही ज़रूरी है. 

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