गहलोत के निकम्मा वाले बयान पर बोले पायलट, मैं आहत था लेकिन घूंट पीकर रह गया

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राजस्थान में अब सियासी उठापटक का अंत होता दिख रहा है. राजस्थान के पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिव पायलट की एक बार फिर से पार्टी में वापसी हो रही है. पायलट ने कहा कि हमने और हमारे कुछ साथियों ने दिल्ली में जाकर कुछ मुद्दों को उठाया था जिनके समाधान का आश्वासन दिया गया है. जिसके बाद से अब कयास लगाया जा रहा है कि राजस्थान के मंत्रीमंडल मे एक बार फिर से फेरबदल हो सकता है.

इस पूरे घटना क्रम को लेकर बोलते हुए पायलट ने कहा कि हम शुरू से हम शुरू से कहते रहे हैं कि जो हमारी सरकार में खामियां हैं, उसे पार्टी फोरम पर उठाएंगे. उसे ही हमने पार्टी के सामने रखा.’ मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की तरफ से निकम्मा कहे जाने पर सचिन पायलट ने कहा, मैं आहत था, लेकिन घूंट पीकर रह गया.’

फिर से उपमुख्यमंत्री बनाए जाने के सवाल पर उन्होंने आज तक न्यूज चैनल को बताया कि पार्टी ने पिछले 20 सालों में जो भी दायित्व दिया है उसे मैंने पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाया है. मैं आज भी वो कर रहा है. पद हो या न हो, मेरी प्रदेश की जनता के प्रति जो जिम्मेदारी है उसे निभाता रहूंगा. पायलट ने कहा कि जो वादे करके हम सत्ता में आएं हैं उसे पूरा करना हम सबकी प्राथमिकता रहेगी.

सचिन पायलट ने आगे बोलते हुए कहा कि काम करने के तरीके में, शासन में जो कामयाबी अपेक्षित है, अगर वो हासिल नहीं हो रही है तो मेरा मानना है कि उसे मुद्दा बनाना मेरे लिेए लाजमी था. और बात सिर्फ सरकार की नहीं है. क्योंकि छह साल पहले हम मात्र 21 सीट पर रह गए थे. प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद हमने पांच साल तक संघर्ष किया, धरना प्रदर्शन किया, जेल गए तब जाकर हम जनमानस के दिल में उतर पाए. राजस्थान में हम अपनी सरकार लेकर आए. लेकिन सरकार बनाने में जिनकी भूमिका रही, उन्हें ही सम्मान नहीं मिलेगा तो ठेस पहुंचती है.

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