मछली पालन कर लाखों कमाने का सुनहरा मौका , ऑनलाइन आवेदन है शुरू

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मछली पालन अपने में एक खास तरह का बिजनेस है जिसमे ज्यादा झंझट भी नहीं होती है और मछली पालक लाखों लाख की कमाई भी करते हैं. ग्रामीण इलाके में पट्टे पर जमीन या तालाब को लेकर मछली पालन करने का व्यवसाय काफी प्रचलित है. सरकार भी चाहती है कि मछली पालन को देश में बढ़ावा दिया जाए जिससे किसान खेती बाड़ी के अलावे भी इस क्षेत्र में रोजगार खड़ा कर सकते हैं. केंद्र सरकार ब्लू रेवोलुशन के तहत स्कीम चलाते हुए मछुआरों को कई लाभ दे रही हैं, और मछली पालन व्यवसाय से जुड़ने के इच्छुक लोगों को सहायता दे रही है. प्रधानमंत्री की तरफ से बीस हजार करोड़ रूपये की एक योजना चलाई गई है जिसका नाम प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना है. इस योजना का ख़ास उदेश्य है कि ज्यादा से ज्यादा संख्या में किसानो को जोड़ कर साल 2022 तक किसानो के आय को दोगुना किया जाए और मछली पालन के व्यवसाय को बढ़ावा मिल सके. स्कीम के तहत सरकार फिशिरिज से जुड़े बिजनेस को शुरु करने के लिए अनुदान देती है. खास बात यह है कि इस सब्सिडी को पाने के लिए इच्छुक आवेदकों से आवेदन मांगे जा रहे हैं. इसलिए मछली पालन करने को इच्छुक लोगों के लिए यह सुनहरा मौका है कि वे आवेदन कर के इस सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं . तो चलिए आपको विस्तार से आवेदन करने की प्रक्रिया को बताते हैं.

भारत सरकार की योजना प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के अंतर्गत लक्ष्य के आधार पर आवेदन मांगे गए हैं. सरकारी लक्ष्य के अनुसार वित्तीय वर्ष 2020-21 के स्वीकृति प्राप्त आवेदनों में से जो लक्ष्य बचे हुए हैं और उसके द्वीतीय चरण में स्वीकृत लक्ष्य के अनुरूप आवेदन मांगे गए हैं. साथ ही वित्तीय वर्ष 2021 -22 के लिए भारत सरकार को भेजी गयी कार्य योजना के अनुरूप इच्छुक आवेदको से आवेदन मांगे गए हैं. इसमे मुख्य रूप से मत्स्य बीज हैचरी को खोलने, रियरिंग तालाब या नए तालाब का निर्माण, बायोप्लाक तालाब एवं टैंक का निर्माण , अलंकारि मछली संवर्धन इकाई , आर ए एस टैंक का अधिष्ठापन , जलाशय या आद्र्भूमि में केज की स्थापना करने , आइस प्लांट या कोल्ड सोत्रेज के निर्माण , मछली व्यवसाय के लिए वाहन खरीदने, फीड मील का निर्माण करने, फिश कियोस्क का निर्माण, मत्स्य विक्रय केंद्र का निर्माण आदि के लिए अनुदान मिलते हैं. आपको बताते चले कि योजना के लिए इच्छुक लाभार्थी की सूचि भी बताई गयी है, याने कि इस स्कीम के लिए मछुआरे, मतस्य किसान, मत्स्य श्रमिक और मत्स्य विक्रेता, मत्स्य विकास निगम , फिशरीज के क्षेत्र में लगे स्वयं सहायता समूह, मत्स्य पालन सहकारिता , मत्स्य पालन संघ, उद्यमी और निजी फर्म, मत्स्य किसान उत्पादन संगठन भी लाभ पा सकते हैं. साथ ही साथ अनुसूचित जाती , अनुसूचित जनजाति , महिला और दिव्यांग व्यक्ति भी इसके लिए आवेदन भर सकते हैं.

योजना के तहत आवेदन भरने के बाद आवेदन स्वीकृत होने के बाद मत्स्य पालन से जुड़े तमाम कारोबार के लिए शुरुआत में लगने वाले पैसे का 40 % सब्सिडी राशि सरकार के तरफ से मिलती है . हालाँकि sc ,st वर्ग के लोगों, महिला और दिव्यांग आवेदकों को अनुदान के रूप में 60 प्रतिशत पैसा मिलता है जो कि इकाई की स्थापना के बाद मिलता है. बिहार में केंद्र की इस योजना का लाभ पहुचने का काम बिहार सरकार का है. इसलिए बिहार सरकार की तरफ से नोटिस जारी कर के ऑनलाइन आएदन मांगे गए हैं. इसके लिए fisheries.ahdbihar.in के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन भरे जायेंगे. आवेदन करने की अंतिम तारिख 25 सितम्बर 2021 है. इसलिए इच्छुक आवेदक इस वेबसाईट पर जाकर आवेदन भर सकते हैं. व्यक्तिगत तौर पर आवेदन करने के लिए कुछ कागजात भी लगते हैं, जैसे कि आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो , पहचान पत्र , शपथ पत्र , बैंक पासबुक या चेक की फोटो कॉपी, sc-st के लिए जाती प्रमाण पत्र , भू स्वामित्व प्रमाण पत्र या पट्टा की भूमि होने पर निबंधित लीज की प्रति, dpr या एससीपी , परंपरागत मछुआरों सम्बन्धी अवयवों हेतु कागजात आदि लगेंगे. ये सभी आपको fisheries.ahdbihar.in पर जाकर रजिस्ट्रेशन करने बाद और आवेदन भरने के समय काम आयेंगे. ऐसे में आपको बताते चले कि आवेदन करने की अंतिम तारिख 25 सितम्बर 2021 है, तो आप अपने जिले के जिला मत्स्य पदाधिकारी से मिल कर भी इस योजना में आवेदान करने से जुडी बातों को जान सकते हैं.

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