RBI ने 2000 के नोटों की छपाई की बंद, जानिए क्या है कारण?

0
348

नोटबंदी के बाद शुरू किए गए 2000 के नोट की अब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने छपाई बंद कर दी है.
सुचना के अधिकार के तहत पुछे गए सवाल के जबाव में आरबीआई ने बताया कि इस वित्त वर्ष में 2000 रुपये का एक भी नोट नहीं छापा गया है. आरबीआई ने इसकी कोई वजह नहीं बताई है, लेकिन जानकारों का कहना है कि इस अधिक वैल्यू वाले नोट को बंद करने के पीछे ब्लैक मनी, भ्रष्टाचार और जाली करंसी बड़े कारण हो सकते हैं.


आपको बता दें कि सरकार के 2016 में 500 और 1000 रुपये के पुराने नोटों पर रोक लगाने के फैसले के बाद RBI ने पहले 2000 रुपये के नोट बैंकिंग सिस्टम पहुंचाए थे. इसके बाद 500 रुपये के नए नोट लाए गए थे. सरकार की ओर से 2000 रुपये के नोट को बंद करने का फैसला करने की रिपोर्ट पहले भी आई थी, लेकिन केंद्र और RBI ने तब इस तरह की बात से इनकार किया था.


फाइनैंस मिनिस्ट्री में डिपार्टमेंट ऑफ इकनॉमिक अफेयर्स के तत्कालीन सेक्रटरी सुभाष चंद्र गर्ग ने इस वर्ष की शुरुआत में ट्वीट किया था और उसमें उन्होंने कहा था कि नोटों की छपाई की योजना अनुमानित जरूरत के अनुसार बनाई गई है. हमारे पास सिस्टम में 2000 रुपये के पर्याप्त नोट हैं. सर्कुलेशन में वैल्यू के लिहाज से 35 पर्सेंट से अधिक नोट 2000 रुपये के हैं. 2000 रुपये के नोट की छपाई को लेकर हाल ही में कोई फैसला नहीं हुआ है.

2000 रुपये के नोट की छपाई बंद करने से ब्लैक मनी की समस्या से निपटारा मिल सकता है. सरकार के लिए यह एक बड़ी समस्या बनी हुई है. नोटों की छपाई बंद होन से जाली करंसी का प्यापार करने वालों के लिए मुश्किल कम हो जाएगी. कम बैल्यू के जाली नोट बनाना आसान नहीं रहेगा. इसमें पकड़े जाने की समस्या भी बनी रहती है.सरकार का जोर देश में डिजिटल ट्रांजैक्शंस बढ़ाने पर है। हालांकि, इसमें अभी तक बहुत अधिक सफलता नहीं मिली है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here