तीन मांगों के लिए रघुवंश प्रसाद ने सीएम नीतीश को लिखा पत्र, वैशाली को लेकर है यह कामना

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राष्ट्रिय जनता दल से पूर्व केंद्रीय मंत्री रघुवंश प्रसाद सिंह ने इस्तीफा दे दिया है और अब वे बिहार के सीएम नीतीश कुमार को पत्र लिखा है जिसमें उन्होंने उनसे तीन मांगों का आग्रह किया है। फेसबुक पोस्ट पर वे अपने द्वारा लिखे गए सीएम नीतीश के नाम पत्र को शेयर भी किया है। जिस 3 कार्यों को वो पूरा नहीं कर सके उन्हें पूरा करने की मांग उन्होंने नीतीश कुमार से की है।

इन मांगों में सबसे पहले वे गणतंत्र भूमि वैशाली में झंडातोलन करने और काबुल से भगवान् बुद्ध के भिक्षापात्र को मंगवाने की मांग की है इसके साथ ही मनरेगा कानून में आम किसानों के जमीन में काम किये जाने का संशोधन अध्यादेश लाये जाने की भी मांग की है।

उन्होंने मनरेगा कानून में सरकारी एवं और एससी -एसटी के जमीन में प्रबंध विस्तार करते हुए उस खंड में आम किसानों की जमीन को भी काम में जोड़े जाने का निवेदन किया है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा है कि इस आशय का अध्यादेश तुरंत ही लागू किया जाये और आने वाले आचार संहिता से बचा जाये।

रघुवंश प्रसाद ने सीएम नीतीश से दूसरी मांग की है जिसमें वे वैशाली को जनतंत्र की जननी और प्रथम गणतंत्र कहकर सम्बोधित किया है और साथ ही 15 अगस्त को सीएम से पटना में और 26 जनवरी को वैशाली में राष्ट्रधव्ज फहराए जाने का फैसला कर इतिहास रचने को कहा है। उन्होंने इस सन्दर्भ में साल 2000 में झारखण्ड बंटवारे का भी जिक्र किया है जिसमें उन्होंने कहा है कि 26 जनवरी को पहले रांची में झंडोत्तोलन होता था.

रघुवंश प्रसाद ने नीतीश कुमार के लिखे पत्र में तीसरी मांग की है जिसमें वे भगवान बुद्ध के पवित्र, भिक्षापात्र को अफगानिस्तान से वैशाली मंगवाने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि भगवान बुद्ध ने अंतिम वर्षावास में वैशाली छोड़ने के समय में अपना भिक्षापात्र स्मारक के रूप में वैशाली को दिया था। उन्होंने इस मुद्दे को लोकसभा में भी उठाया था।

इसके साथ ही साथ उन्होंने सिंचाई मंत्री और प्रधान सचिव को पत्र लिखा है जिसमें वे इन तीन कार्यों को पूरा किये जाने की मांग की है। इसे लेकर वे जेडीयू संसदीय दल के नेता ललन सिंह को भी पत्र लिखा है। इसमें वे वैशाली, मुजफ्फरपुर में गंडक नहर पर पुल बनाने और सड़क निर्माण के साथ अन्य निर्माण की मांग की है.

रघुवंश प्रसाद मौजूदा समय में दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में भर्ती हैं. उनकी तबियत कोरोना के वजह से बिगड़ी है। उन्होंने यह पत्र वहीँ से अपने लेटर पैड पर लिखा है और उसे फेसबुक पर पोस्ट किया है।

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