भागपुर के राजीव कुमार बने माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के नए एमडी

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भागलपुर निवासी राजीव कुमार ने वो कर दिखाया है जिससे समूचे बिहार का सीना गर्व से गदगद हो उठा है. किसी ने सही ही कहा है एक बिहारी सब पर भारी. माइक्रोसॉफ्ट इंडिया ने बिहार भागलपुर के राजीव कुमार को माइक्रोसॉफ्ट का नया एमडी नियुक्त किया है. चाहे स्मार्टफ़ोन पर आसानी से पॉवर पॉइंट प्रेजेंटेशन बनाना हो, एमएस वर्ड या एमएस एक्सेल का एप्लीकेशन इस्तेमाल करना हो, इन सभी सॉफ्टवेरेस को स्मार्टफोन पर उपलब्ध करवाने में राजीव कुमार का अहम् योगदान रहा है. इसके अलावा राजीव ने भारत में क्लाउड को फोकस कर नया डेटा सेंटर बनाने में भी अहम् भूमिका निभाई है।

 

भागलपुर के रहने वाले राजीव को उनके घर वाले प्यार से राजू कह कर बलाते है. राजीव का जन्म जबरा गांव में 20 दिसंबर 1968 को हुआ था। उनके पिता झारखंड के साहेबगंज स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल में अध्यापक थे और उनका एडमिशन भी अपने ही स्कूल में कराया था।राजीव शुरू से ही पढाई लिखाई में काफी तेज़ थे.

माइक्रोसॉफ्ट कंपनी से मिली इतनी बड़ी ज़िम्मेदारी के बाद राजीव अपने गाँव अपने घर भी गए थे. जहाँ इस ख़ुशी के मौके पर राजीव ने अपनी इस सफलता के लिए अपने माता पिता से आशीर्वाद लिया. इसके पश्चात राजीव कुमार ने मीडिया को संबोधित करते हुए बताया की कॉलेज के दिनों में ही मास्टर्स के दौरान कैंपस सिलेक्शन के द्वारा उन्हें दो बड़ी कंपनियों से ऑफर आये थे. एक कंपनी तो उन्हें प्लेसमेंट के वक़्त ही 59000 डॉलर दे रही थी. पर उस ऑफर को दरकिनार कर मैंने माइक्रोसॉफ्ट ज्वाइन करने का फैसला किया क्यूंकि उस वक़्त माइक्रोसॉफ्ट नयी कंपनी थी. ऐसे में वहा खुद को साबित करने का अच्छा मौका दिखा. जिसके बाद अमेरिका के रेडमंड में भी उन्हें सॉफ्टवेयर इंजीनियर बनाया गया फिर डिप्टी मैनेजर, जीएम, कॉरपोरेट वाइस प्रेसिडेंट भी बने. इस पद का पदभार सँभालतेसँभालते ही वो एमडी बनाये गए.

अपनी निजी जीवन के बारे में और जानकारी साझा करते हुए राजीव कुमार बताते है की उनकी जिंदगी भी काफी संघर्ष भरी थी. शुरूआती दौर में कॉलेज में एडमिशन के बाद राजीव को रहने के लिए हॉस्टल में जगह नहीं मिली थी जिसके कारणवश उन्होंने कई रातें रेलवे स्टेशन पर गुज़ारे. यह बात सटीक बैठती है कि हर व्यक्ति को सफलता की सीढियों पर चढ़ने से पहले संगर्ष और मेहनत से होकर गुज़ारना ही पड़ता है. राजीव कुमार आज की युवाओं के लिए प्रेरणाश्रोत है.

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