9 बार फाइनल में पहुंची , चार बार बनी चैम्पियन .. जानिये CSK के दबदबे की सबसे बड़ी वजह

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2004

शेर बूढा हो जाये तो इसका मतलब यह नहीं कि वो दहाड़ नहीं सकता. यह कहावत आईपीएल में सबसे पुराने खिलाडियों वाली टीम चेन्नई सुपर किंग्स के लिए सच ही मानी जा सकती है. क्यूंकि चेन्नई की टीम ने सीजन 14 को जीतकर चौथी बार आईपीएल चैम्पियन बनी है. शुरूआत से लेकर फाइनल तक का सफ़र करने का सबसे बेहतरीन हुनर चेन्नई सुपर किंग्स के पास है इसमें कोई शक नहीं. चेन्नई सुपर किंग्स ने 14 में से 12 सीजन खेली है और इनमे से 9 बार फाइनल तक पहुंची है. शुक्रवार की जीत के बाद चौथी बार चेन्नई विनर बनी है. हालाँकि जिस टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हो , उसकी रणनीत शानदार होगी ही. तभी तो csk नौ बार फाइनल खेल चुकी है. फाइनल वाले दिन धोनी ने अपने बयान में कहा था कि पिछले साल प्ले ऑफ़ में चूकने के बाद उनके लिए जरुरी था कि वे अच्छी वापसी करे ,और वे अपने टीम के बदौलत चैम्पियन बन ही गए.इस खिताबी जीत में धोनी के अनुभव और ऐन वक्त पर लिए गए फैसले ने अपना असर दिखाया , जिससे इस पूरे लीग में ही शुरू से ही CSK का दबदबा बना दिखा . धोनी ने कई पड़ाव पर गेंदबाजी और फील्डिंग में बदलाव किये जिसका फायदा भी खेल में दिखा. ऐसे में आपको वह बड़ी वजह बताते हैं जिसके कारण आईपीएल 2021 में चेन्नई के शेरों का दबदबा देखने को मिला.

  • पुराने खिलाडियों पर जताया भरोसा

भले ही पिछले सीजन में धोनी के धुरंधरों ने कुछ कमाल नहीं दिखा पाया था , लेकिन इस सीजन में उन्होंने अपने कप्तान को निराश नहीं किया और उम्मीदो पर खरे उतरे. बल्लेबाजी के कारण आईपीएल 2020 में चेन्नई फिसड्डी रही थी, मगर इसी बल्लेबाजी ने इस सीजन में ताकत बढ़ाया. इस सीजन में तीन बल्लेबाजो ने अपना दम दिखाया. इस पूरे टूर्नामेंट में ऋतुराज गायकवाड ने 16 मैचों में टीम के लिए सबसे ज्यादा 635 रन बनाए , जबकि फाफ दुप्लेसिस 16 मैचों में 633 रन बनाकर दुसरे और मोईन अली 15 मैचों में 357 रन बनाकर तीसरे स्थान पर रहे.वहीँ पिछले सीजन में बेहतर करने वाले अम्बाती रायडू ने इस सीजन में भी भरोसा नहीं तोडा. अम्बाती ने 15 मैचों में 257 रन स्कोर किये. आलराउंडर जडेजा ने संकट की घडी में कई बेहतरीन पारियां खेल कर योगदान दिया.

  • गेंदबाजों ने ऐन मौकों पर किया पस्त

धोनी के सिपाहियों ने गेंदबाजी में अहम् योगदान दिया जिससे विरोधी धुरंधरों को भी हार की मुंह खानी पड़ी. तेज गेंदबाजी कमाल कर गयी. शार्दुल ठाकुर और दीपक चाहर ने टीम के लिए अं घदिपर विकेट्स लिए हैं , फाइनल मुकाबले में एक समय ऐसा भी था जब लग रहा था कि CSK के हाथ से मैच फिसल रही है लेकिन अहम् मौके पर धोनी ने शार्दुल ठाकुर को गेंदबाजी की कमान सौंपी . शार्दुल ने भी कोलकाता टीम के सलामी बल्लेबाज वेंकटेश अय्यर की विकेट ली और उसके अगले ही गेंद में नीतीश राणा को भी आउट कर दिया. इन दोनों अहम् विकेट के बाद KKR का मिडिल ऑर्डर भी कमजोर पड़ा और जीत चेन्नई के तरफ मुड़ गयी. वहीँ जोश हेजलवुड और रवींद्र जडेजा ने भी अकी विकेट चटकाए, तो ब्रावो की योर्कर ने अपने विरोधी को पस्त करने में कोई कसर नहीं छोड़ी.

  • लाजवाब फील्डिंग ने किया कमाल

धोनी के मास्टरमाइंड कप्तानी ने समय समय परफील्डिंग में भी अहम् बदलाव् किये. फील्डरों ने न सिर्फ बड़े रन बनाने से रोका. बल्कि कई अहम् कैच लिए . अंतिम मुकाबले में जडेजा ने ही अय्यर के कैच को पकड़ा था और अय्यर कैच आउट हो गए. वही उनके बाद नीतीश राणा बल्लेबाजी के लिए उतरे. और शार्दुल ने उन्हें पहली ही गेंद पर कैच आउट करवा दिया. इस दौरान फाफडूप्लेसिस ने राणा का कैच पकड़ा.

ओवरऑल पूरे सीजन में धोनी की कप्तानी में टीम के सभी खिलाड़ियों ने अपना बेहतर प्रदर्शन दिया., जिसकी बदौलत चेन्नई चौथे बार आईपीएल का ताज पहन पायी. अब आगे देखना यह होगा कि चेन्नई सुपर किंग्स की यह टीम ऐसे ही बनी रहती है या टीम में अगले सीजन में कुछ बदलाव किये जायेंगे.क्यूंकि अगले सीजन में दो नयी टीमे जुड़ने वाली हैं. इसके लिए अब आईपीएल 2022 के मेगा ऑक्शन का इन्तजार करना पड़ेगा.

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