बिहार पुलिस की चाहत, उन्हें भी ड्यूटी में मिली राहत

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झारखण्ड पुलिस की कार्यक्षमता को बढ़ने के लिए झारखण्ड सरकार के आरक्षी विभाग और वहां के वरीय पुलिस पदाधिकारियों ने एक महत्वपूर्ण आदेश पारित किया है। झारखंड के पुलिसकर्मी इस आदेश के पारित होने से आह्लादित हैं। झारखण्ड में जारी इस आदेश में राज्य के सभी पुलिस झारखंड के अधीक्षकों को आदेश दिया गया है की झारखण्ड पुलिस में पुलिस की कार्यक्षमता को बरक़रार रखने के लिए किसी भी पुलिसकर्मी से एक दिन में आठ घंटे से ज्यादा और सप्ताह में छह दिन से ज्यादा कार्य नहीं लिया जाए।

 

इस आदेश में कहा गया है की ऐसा करने से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बरक़रार रहेगी। झारखंड पुलिस में वहां के  वरीय अधिकारियों के इस आदेश के बाद ख़ुशी की लहर दौड़ गयी है। अब बिहार के पुलिसकर्मियों की नजर अपने नए पुलिस प्रमुख गुप्तेश्वर पांडेय की तरफ है कि बिहार में भी अपने पुलिसकर्मियों को वैसा ही राहत प्रदान करेंगे जैसा झारखण्ड सरकार और वहां के वरीय पुलिस अधिकारीयों ने आदेश जारी करके वहां के पुलिसकर्मियों को राहत दिया है। ये बात गौरतलब है कि मानवाधिकार के अनुसार हर सरकार और गैर सरकारी प्रतिष्ठानों में अधिकतम आठ घंटे की ड्यूटी निर्धारित है, लेकिन सबसे ज्यादा ड्यृटी पुलिसकर्मियो को ही निभानी पड़ती है, जो अपने बाल-बच्चे और परिवार का ख्याल न रखकर जनता की सेवा में हर वक़्त जुटे रहते हैं। चाहे दशहरा हो या दीपावली, होली हो या कोई अन्य त्योहार, अपने बच्चों की अंगुली पकड़ कर उन्हें घुमाने के बजाए पुलिसकर्मी जनता की सेवा में तत्पर रहते हैं।

बिहार में हर पुलिसकर्मी 8 घंटे के बजाए कम से कम 16 घंटे की ड्यूटी करते हैं, जिसके लिए उन्हें कोई ओवर टाईम कार्य के पैसे भी नहीं मिलते। अगर थकान के कारण कुछ शिथिलता हो जाती है तो उन्हें निलंबन या बर्खास्तगी जैसे दंश को भी झेलना पड़ता है। बिहार में नित्य नए प्रयोग कर प्रसिद्धि कमाने वाले अनुभवी आईपीएस अधिकारी और नए डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय से बिहार के पुलिसकर्मी भी झारखंड की तर्ज पर ही आठ घंटे कार्य करने का आदेश की चाहत पाल रहें हैं, ताकि झारखंड पुलिस की तरह उनकी कार्यक्षमता भी बरकरार रह सके।

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