RJD को इन दो सीट पर इस वजह से मिली हार, पढ़ें पूरी खबर

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‘घर को लगी आग घर के ही चिराग से’, ये कहावत लोकसभा चुनाव में करारी हार झेलने वाले राजद पर पूरी तरह से सटीक बैठती है। राजद पार्टी ने अपने स्थापना काल यानी वर्ष 1997 से अब तक 22 वर्ष में दुर्गति कभी नहीं देखी होगी और ये पहला अवसर जब राजद को लोकसभा में एक भी सीट नहीं मिली हो। पार्टी में मची खींचतान का परिणाम कुछ इस तरह का होगा इसका अंदाजा शायद बिहार में राजद के विरोधियों को भी था। चूँकि तेजस्वी अगर बाहर विरोधियों से लड़ते रहे तो घर के अंदर भी कभी उन्हें बड़े भाई तेजप्रताप तो कभी बहन मीसा से भी चुनौती प्राप्त होती रही।

गुरुवार 23 मई को जो नतीजे आये उसमें लालू परिवार की बड़ी पुत्री मीसा भारती को बिहार की पाटलिपुत्र लोकसभा सीट से जबरदस्त शिकस्त का सामना करना पड़ा। वहीँ, पार्टी से बागी होकर जहानाबाद सीट से अपना प्रत्याशी देने वाले तेजप्रताप भी राजद के प्रत्याशी को पराजित करने में कामयाब रहे। राजद पार्टी ने एक अन्य सीट अर्थात शिवहर को भी खो दिया जहाँ से तेजप्रताप यादव ने अपने प्रत्याशी को खड़ा किया था। वैसे अंगेश सिंह नामक इस शख्स का नामांकन खारिज हो गया था। जहानाबाद में राजद और बीच का मुक़ाबला बहुत कड़ा था और हार-जीत का अंतर भी 1711 वोटों का रह गया। इस सीट से जदयू के चंदेश्वर प्रसाद चंद्रवंशी ने राजद के सुरेंद्र यादव को पराजित कर दिया। जहाँ सुरेंद्र यादव को 3,33,833 मत हासिल हुए, वहीँ चंद्रवंशी को 3,35,584 मत मिले। जहानाबाद सीट से ही तेजप्रताप के प्रत्याशी चंद्रप्रकाश को 7755 मत प्राप्त हुए।

यदि ये मत सुरेंद्र यादव के खाते में चले गए होते तो वहां की तस्वीर कुछ अलग होती तथा राजद के उम्मीदवार सुरेंद्र यादव ने सिर्फ सफलता प्राप्त करते बल्कि पार्टी भी अपना खाता खोलने में भी कामयाब होती। शिवहर सीट की बात की जाए तो इस सीट से भाजपा की रमा देवी जीत पाने में सफल रही। भाजपा की रमा को 6,08,678 मत प्राप्त हुए, वहीँ राजद के सैयद फैसल अली को मिले मतों की तादाद 2,68,318 थी। भले ही इस सीट से अंगेश चुनाव में नहीं थे लेकिन उन्होंने राजद के लिए बहुत काम बिगाड़ दिया। दरअसल, लालू यादव के बड़े बेटे तेजप्रताप यादव ने शिवहर और जहानाबाद सीट पर भी अपने उम्मीदवार अंगेश कुमार और चंद्रप्रकाश को टिकट दिलाने के लिए तेजस्वी यादव को बोला था लेकिन वो नहीं माने। अब नतीजा सबके सामने है और इन दोनों ही सीटों पर राजद के उम्मीदवारों की हार हो गई है। राजद के अंदर चल रहे इस भितरघात का परिणाम पूरे बिहार में महागठबंधन को उठाना पड़ा है, और 40 में से 39 सीटों पर उसके उम्मीदवारों को पराजय का सामना करना पड़ा है। इस हार के बाद कांग्रेस और रालोसपा जैसे पार्टियों ने भी सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं।

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