Breaking News : RJDऔर CONG की देर रात तक बैठकबाजी, उपेंद्र, मांझी, सहनी गायब

बिहार में महागठबंधन की सीधी टक्कर सत्ताधारी एनडीए से होने जा रही है. एनडीए में जहां भाजपा और जनता दल यूनाइटेड का गठबंधन तय है तो वहीं देर सबेर लोक जनशक्ति पार्टी के भी साथ आना भी तय है पर महागठबंधन में जो कुछ भी चल रहा है वो कुछ पार्टियों के लिए बेहद चिंताजनक है. कल देर रात पूर्व सीएम राबड़ी देवी के आवास पर राजद और कांग्रेस नेताओं की लंबी बैठक चली.

Congress seat share in Bihar grand alliance will depend on crowd ...

कांग्रेस की ओर से पहुंचे नेता

राबड़ी आवास पहुंचने वाले नेताओं में बिहार प्रदेश कांग्रेस प्रभारी और महासचिव शक्ति सिंह गोहिल, प्रदेश अध्यक्ष डाॅ मदन मोहन झा, विधायक दल के नेता सदानंद सिंह और राज्यसभा सांसद डाॅ अखिलेश सिंह शामिल थें, जबकि राजद की ओर से प्रदेश अध्यक्ष जगदानंद सिंह मौजूद रहें. बताया जाता है कि इस बैठक में सीटों की संख्या, गठबंधन का आकार और रणनीति पर चर्चा हुई.

महागठबंधन के बाकी दल कहां हैं

तेजस्वी के नाम पर महागठबंधन एकमत ...

राजद और कांग्रेस के इस बैठक के बाद इतना तो तय हो चुका है कि महागठबंधन की गांठें अभी तक सुलझ नहीं सकी है. ऐसा लगता है कि राजद और कांग्रेस मिलकर विधानसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं. अभी तक राजद की ओर से राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, वीआईपी और हम सेकुलर को ज्यादा भाव नहीं दिया जा रहा है, जो कि बहुत कुछ इशारा करता है.

लोकसभा चुनाव की टीस

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पिछले लोकसभा चुनाव में तेजस्वी यादव ने बड़े उत्साह के साथ रालोसपा, वीआईपी और हम के साथ महागठबंधन बनाया था. उन्हें उम्मीद थी कि इस महागठबंधन के बनने से राजद के मुस्लिम यादव के साथ ही कुशवाहा, मल्लाह और मुसहर जातियों का वोट उनके साथ जुड़ेगा लेकिन ऐसा हुआ नहीं. राजद के साथ साथ पूरे महागठबंधन की करारी हार हुई.

जब सीटों के वितरण की बारी थी तो लगा था कि उपेंद्र कुशवाहा, जीतन राम मांझी और मुकेश सहनी से ज्यादा जनाधार किसी के पास तो है ही नहीं लेकिन ये सभी राजद के लिए बोझ साबित हुए. लोकसभा चुनाव की इसी टीस को देखते हुए संभवतः राजद सिर्फ कांग्रेस के साथ मिलकर चुनाव लड़ना चाहता है, अन्यथा बैठक में सभी दलों को बुलाया गया होता.

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