विधानसभा चुनाव में RJD से लेना हैं टिकट तो आजमाइए ये अचूक नुस्खे

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बिहार विधानसभा की सदस्य संख्या के हिसाब से देखें तो राजद ही सबसे बड़ी पार्टी है. वर्तमान समय में राजद ने अपनी कमान पूर्व मंत्री और पूर्व सांसद जगदानंद सिंह को दी है. जगदानंद सिंह बेहद अनुशासनप्रिय नेता माने जाते हैं. जगदानंद सिंह की राजनीतिक शैली है कि वो निजी जान पहचान की बजाय हमेशा काम करने वालों को तरजीह देते हैं.

इसका उदाहरण है कि जब 2009 के लोकसभा चुनाव में जगदानंद ने बक्सर लोकसभा सीट जीत ली तो उनकी खाली की हुई रामगढ़ विधानसभा सीट पर उनके पुत्र सुधाकर सिंह चुनाव लड़ना चाहते थें. जगदानंद इस बात पर राजी नहीं हुए कि सिर्फ उनके पुत्र होने की वजह से सुधाकर को राजद का टिकट दे दिया जाए.

जगदानंद ने रामगढ़ में पार्टी के एक साधारण कार्यकर्ता को टिकट देकर विधायक बनवा दिया लेकिन पुत्र को टिकट नहीं मिला. सुधाकर बागी होकर भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ें लेकिन जीत राजद की हुई.

ऐसे में जगदानंद सिंह के नजदीक जाने के लिए राजद कार्यकर्ताओं को मेहनत और अनुशासन का पाठ पढ़ना होगा. पार्टी की घोषित लाईन पर चलना होगा. पार्टी के सभी कार्यक्रमों में उपस्थिति सुनिश्चित करना होगा. ज्यादा से ज्यादा लोगों को पार्टी से जोड़ कर उसकी सूचना प्रदेश नेतृत्व को देनी होगी. सोशल मीडिया पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करानी होगी.

जगदानंद के नेतृत्व में राजद कार्यकर्ताओं को यह फायदा हो सकता है कि उन्हें टिकट के लिए विशेष पैरवी की जरुरत नहीं पड़ेगी. पार्टी के लिए मजबूती से काम कर वो टिकट के लिए आवेदन कर सकते हैं.

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