दुनिया का सबसे बड़ा इलेक्ट्रिक व्हीकल

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आज के दौर में आधुनिक साधनों से मुंह नहीं मोड़ा जा सकता है लेकिन इन संसाधनों में वे वस्तुएं भी शामिल हो जाती हैं जिनसे प्रकृति को खतरा होता है। वाहनों में जो ऊर्जा लगते हैं वे करोड़ो वर्ष के संग्रह से बने भंडार के हैं और उनसे जो धुएँ निकलती है वे भी प्रकृति को हानि पहुंचाती है। ऐसे स्थिति में पर्यावरण संतुलन एक महत्वपूर्ण समस्या बन चुकी है। जिसके निदान के लिए हर कोई अपनी अपनी तरह से योजना बना रहा है और कोशिश किया जा रहा है। सरकार गंभीरता से इस पर लगी है।

एक ऐसा वाहन वाकई वरदान है जो खुद ही ऊर्जा की पूर्ति कर लेता हो। आप शायद न जानते हो लेकिन विश्व में एक ऐसा भी वाहन है जो बिना पेट्रोल और डीजल के ही कार्य करता है। न केवल ऊर्जा की बचत करता है बल्कि पर्यावरण सुरक्षा भी कायम करता है। इलेक्ट्रिक वाहनों को जहाँ चार्ज करने की जरुरत पड़ती है और लम्बी दुरी तय करने में तो ये चार्जिंग की समस्या भी उतपन्न हो जाती है और कम-से कम चार्ज किये जाने के लिए सोलर चार्जिंग वाहन की आवश्यकता होती है वहीँ यह एक ऐसा वाहन है जिसमें चार्जिंग की भी परेशानी नहीं आती है।

जर्मनी की एक कम्पनी ने इस वाहन का निर्माण किया है. कंपनी के प्रवक्ता के द्वारा इस विषय में यह बताया गया कि ई-डंपर यदि 20 चक्कर लगाता है तो वह 200 किलोवाट घंटा यानि कि २०० यूनिट बिजली का उत्पादन कर लेता है। साथ ही यह २०० टन कार्बनडाई ऑक्साइड को वातावरण में घुलने से बचाता है. फॉर्मूला ई-ड्राइवर लुकास डी ग्रासी के अनुसार यह वाहन पूरी तरह से एक जादू है लेकिन वर्तमान में ऐसी ही गाड़ी की जरुरत है जो पूरी तरह से इको फ्रेंडली हो। इलेक्टो डंपर 45 टन का निर्माण करने वाला वाहन है. जब यह खाली होता है तब पहाड़ी पर ऊपर चढ़ता है और जब यह पहाड़ से उतरता है तब खुद ही ऊर्जा का उत्पादन करता है. इसमें रीजनरेटिव ब्रेकिंग सिस्टम लगा होता है। इसी वजह से यह ऊर्जा का उत्पादन करता है और फिर इसी ऊर्जा से पहाड़ी पर चढ़ता है। यह स्विस पहाड़ियों से चूना पत्थर लाने का कार्य करता है और 65 टन अयस्क लाता है.

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