BIG BRERAKING : सुप्रीम कोर्ट में सचिन पायलट की हुई जीत, जानिए जज ने क्या कहा !

राजस्थान में चल रहे सियासी घमासान में आज सुप्रीम कोर्ट ने नया मोड़ ला दिया. सुप्रीम कोर्ट ने साफ कर दिया कि वो हाईकोर्ट के फैसले पर रोक नहीं लगाएगा. सुप्रीम कोर्ट ने साफ साफ कहा कि लोकतंत्र में विरोध की आवाज को दबाया नहीं जा सकता. अगर ऐसा हुआ तो लोकतंत्र खतरे में आ जाएगा.

सुप्रीम कोर्ट ने यह टिप्पणी राजस्थान विधानसभा के अध्यक्ष डॉ सीपी जोशी की उस याचिका पर सुनवाई के दौरान किया जिसमें उन्होंने राजस्थान उच्च न्यायालय के फैसले को रोकने की मांग की थी. मामला यह था कि राजस्थान में सचिन पायलट गुट के 18 बागी कांग्रेस विधायकों को दल बदल का नोटिस थमाया गया था, जिस पर राजस्थान उच्च न्यायालय ने विधायकों को जवाब देने की अवधि बढा दी थी.

सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति कृष्णा मुरारी, अरुण मिश्र और बीआर गवई ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से मामले की सुनवाई की. विधानसभाध्यक्ष डॉ सीपी जोशी की ओेर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल पैरवी कर रहे थें.

सिब्बल से कोर्ट ने पूछा कि विधायक जनता के द्वारा चुने गए हैं, क्या उन्हें अपनी असहमति जताने का अधिकार नहीं है ? विरोध की आवाज दबाई गई तो लोकतंत्र खतरे में पड़ सकता है, जिस पर कपिल सिब्बल ने जिरह करते हुए कहा कि किसी भी विधायक को अगर अपनी आवाज उठानी है तो पार्टी फोरम पर उठानी चाहिए. जज ने कहा कि पार्टी के अंदर लोकतंत्र है या नहीं ? इस पर सिब्बल ने कहा कि स्पीकर ने विधायक दल की बैठक में शामिल होने के लिए व्हिप जारी नहीं किया था, यह सिर्फ एक नोटिस था.

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