साधू यादव के नामांकन दाखिल करते ही यह क्या हो गया!

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बिहार विधानसभा चुनाव में साधू यादव की एंट्री हो गई है. साधू यादव का नाम तो आपने सुना ही होगा. बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद यादव के साले हैं अनिरुद्ध प्रसाद यादव उर्फ़ साधू यादव. साधू यादव ने इस बार के बिहार विधानसभा में गोपालगंज सीट से नामांकन दाखिल कर दिया है. उन्होंने उपेन्द्र कुशवाहा के गठबंधन वाली पार्टी बसपा से चुनाव लड़ने का फैसला किया है. इससे पहले यह चर्चा थी कि साधू यादव कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़ सकते हैं लेकिन कांग्रेस पार्टी ने उन्हें दरकिनार कर दिया और अब साधू यादव बसपा के टिकट पर चुनावी मैदान में उतर चुके हैं.

गोपालगंज विधानसभा सीट से इस बार महागठबंधन के तरफ से कांग्रेस ने काली पाण्डेय को अपना उम्मीदवार बनाया है वहीं एनडीए के तरफ से भाजपा प्रत्याशी सुभाष सिंह मैदान में हैं. तो अब देखने वाली बात होगी कि अनिरुद्ध प्रसाद यादव उर्फ़ साधू यादव यहाँ कुछ करिश्मा कर पाएँगे या पिछले विधानसभा चुनाव की तरह इस बार भी उनकी जमानत जब्त हो जाएगी. बिहार विधानसभा चुनाव 2015 में साधू यादव बरौली सीट से चुनाव लड़े थें लेकिन उनकी जमानत तक जब्त हो गई थी. आपको बता दें कि साधू यादव लालू प्रसाद यादव की पत्नी राबरी देवी के भाई है लेकिन अब साधू यादव का लालू परिवार के साथ सम्बन्ध अच्छे नहीं हैं. साधू यादव एक दबंग छवि के व्यक्ति हैं. इससे पहले साधू यादव गोपालगंज से ही सांसद भी रह चुके हैं और विधायक भी रह चुके हैं अब अब परिस्थिति बदल चुकी है और साधू यादव के लिए राजनीति में वापसी करना बहुत कठिन होगा क्योंकि साधू यादव के अपने यानी कि राबरी देवी, तेजस्वी यादव और लालू परिवार के तमाम लोग साधू यादव के साथ अब नहीं हैं.

तो अनिरुद्ध प्रसाद यादव उर्फ़ साधू यादव ने गोपालगंज सीट से नामांकन कर दिया है और इसके साथ ही उनके ऊपर केस भी दर्ज हो गया है. जी हाँ सही सुना आपने. दरअसल हुआ यह कि साधू साधू यादव अपने सहयोगियों के साथ बन ठन कर नामांकन दाखिल करने पहुंचे लेकिन बीना इजाजत लिए रैली निकालने के आरोप में साधू यादव पर एफआईआर दर्ज हो गई. साधू यादव पर स्थानीय सीओ ने आदर्श आचार संहिता नियम के उल्लंघन का आरोप लगा कर एक एफआईआर दर्ज कराई है. वहीं इस मांमले में साधू यादव ने कहा कि उनके तरफ से किसी नियम का उल्लंघन नही किया गया है. उन्होंने कहा कि लोगों के भारी समर्थन के वजह से भीड़ हो गई थी और इसमें उनका कोई दोष नहीं है.

तो इस बार बिहार विधानसभा चुनाव में साधू यादव को झटके पर झटका लग रहा है. पहले तो कांग्रेस ने उनको दरकिनार कर दिया और अब जब बसपा के टिकट पर वह चुनाव लड़ रहे हैं तो नामांकन दाखिल करते ही उनके ऊपर केस दर्ज हो गया. अब आगे क्या होगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा.

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