सहारा इंडिया ने निवेशको को बड़ी राहत, इन कंपनियों पर लगा प्रतिबन्ध

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सहारा इंडिया, बीते लम्बे समय से सुर्ख़ियों में बना हुआ है क्यूंकि सहारा इंडिया में जिन निवेशकों ने अपना पैसा निवेश किया था यह सोच कर की एक समय के बाद वो पैसा मेच्योर होने के बाद अपने किसी बड़े काम के लिए निकालेंगे. लेकिन अब सहारा की तरफ से पैसा नहीं लौटाने की बात कहे जाने के बाद लोगो के बीच में अफरा तफरी का माहौल है, क्यूंकि सहारा में पैसा निवेश करने वालो में कई छोटे निवेशक भी है लेकिन अब निवेशको का पैसा फस गया है इस बीच अब सहारा इंडिया के सभी निवेशको के लिए अच्छी खबर सामने आई है, लम्बे समय से इंतज़ार कर रहे सहारा इंडिया के निवेशको को हाई कोर्ट ने खुशखबरी दी है, कोर्ट के निर्देश के बाद अब निवेशकों को यह पैसा वापस मिल सकता है. कोर्ट ने सहारा इंडिया की अलग अलग स्कीमों में जिन लोगो ने निवेश किया है उन्हें जल्द पैसा लौटाने की प्रक्रिया को शुरू करने का निर्देश दिया गया है. हाई कोर्ट में दायर तमाम याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए ही अब कोर्ट ने यह निर्देश दिया है कि इस मामले की अगली सुनवाई अब 20 अप्रैल को होगी.

कोर्ट के इसी आदेश के बाद सहकारिता मंत्रालय ने निर्देश जारी करके कहा है कि सहारा इंडिया को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, लखनऊ सहारयन यूनिवर्सल मल्टीपर्पस सोसाइटी लिमिटेड, भोपाल और हमारा इंडिया क्रेडिट को ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड, कोलकाता पर लोगो से किसी भी तरह का पैसा जमा कराने पर रोक लगा दी है. सहकारिता मंत्रालय ने 22 मार्च के दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए इन सभी सोसाइटी से जनता से किसी भी तरह का पैसा लेने पर अब प्रतिबन्ध लगा दिया गया है.

हालांकि सहारा और उसकी दलीले आज कोई नई नहीं है, सहारा समूह ने अक्टूबर 2020 में कहा था कि वह 75 दिनों के भीतर उसकी चार कंपनियों से जुड़े लोगो के पैसे को वापस कर देगी. गौर करने वाली बात यह है कि 10 लाख से अधिक लोगो ने इन स्कीमो 3226 करोड़ रूपए जमा किऐ थे. सहारा ने उस वक्त ही कहा था कि भुगतान में देरी पिछले 8 साल से कंपनियों पर लगे प्रतिबन्ध के चलते हुई है.

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे सहारा इंडिया के फेर में बिहार के लाखो लोग फंसे है, उनका पैसा डूब गया है फंस गया है क्यूंकि इन लाखो लोगो ने जो पैसा इन्वेस्ट किया है वो पैसा मेचयौर हो गया है, लेकिन जब बात निकालने की आई तब कंपनी ने अपना पैर पीछे खिंच लिया, जिसके बाद ही पटना हाई कोर्ट का रवैया भी सख्त हो गया है. पटना हाई कोर्ट की पहल के बाद ही सभी को जवाबदेह बनाया है जिसमे सेबी भी अब चपेट में है. क्यूंकि कई छोटे निवेशकों का पैसा फंसा है, सहारा वालों की धुरंधारी यही ख़तम नहीं हुई, पटना में कई ज़मीनों की बिक्री भी शुरू हो गई है. जिसके बाद ही कोर्ट ने सेबी से भी जवाब मांगी है. हालांकि अब कोशिश यही है कि निवेशकों के पैसो को निकाला जाए, सभी निवेशक भी इसी उम्मीद में है कि उनका पैसा मिलेगा और हम भी यही उम्मीद कर रहे है कि लोगो का पैसा जल्द से जल्द मिले.

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