समस्तीपुर की सौम्या लड़की से बना लड़का, जानें कैसे हो पाया यह संभव……..

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बिहार के समस्तीपुर की सौम्या अब युवती से युवक (समीर) बन गई। स्त्री शरीर में खुद को असहज महसूस करने वाली सौम्या को इसके लिए 8 साल की लंबी कानूनी प्रक्रिया और मेडिकल जांच से गुजरना पड़ा। 31 वर्षीय सौम्या को सारे कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद जटिल ऑपरेशन से गुजरना पड़ा। सौम्या एरोनॉटिकल इंजीनियर के साथ ही एयरपोर्ट मैनेजमेंट में एमबीए भी है।

सौम्या बिहार के समस्तीपुर जिले के मुजौना गांव के डॉ. लक्ष्मीकांत सजल की पुत्री हैं। उनके पिता लेखक हैं। सौम्या के चाल-चलन बचपन से ही लड़कों के अनुरूप थे। परिजनों ने बताया कि सौम्या को बचपन से लड़कियों के उपयोग आने वाले समान पसंद नहीं थे। यहां तक कि कपड़े, जुते-चप्पल आदि भी। पटना के केंद्रीय विद्यालय, शेखपुरा में स्कूल की क्रिकेट टीम में भी वह शामिल थी। बेहतर प्रदर्शन के बदौलत उनका चयन बिहार की महिला क्रिकेट टीम में हुआ। मैट्रिक के बाद कोटा में पढ़ाई की।

बेंगलुरु से की एयरोनॉटिकल में इंजीनियरिंग :

सौम्या 12वीं पास करने के बाद बेंगलुरु में एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। इसके बाद एरोनॉटिकल इंजीनियर के रूप में नौकरी के लिए उसे विभिन्न कंपनियों से कई ऑफर मिले। उसने एक कॉरपोरेट कंपनी के सेटेलाइट प्रोजेक्ट में काम शुरू किया। इस दौरान वे पढ़ाई जारी रखी और आस्ट्रेलिया से एस्ट्रोफिजिक्स में डिप्लोमा का ऑनलाइन कोर्स भी किया। वर्तमान में वह एक अमेरिकन कंपनी में है।

बचपन से ही स्त्री शरीर से छुटकारा चाहती थी सौम्या :

सौम्या खुद को स्त्री शरीर में असहज महसूस करती थी। जिसके कारण वे बचपन से ही इससे मुक्ति चाह रही थी। एरोनॉटिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी करने के बाद किसी को बिना बताए ही वह इसमें लग गई। इसके लिए पहले उसे 2 वर्ष के मनोवैज्ञानिक ट्रीटमेंट दिया गया। उसके बाद कई स्तर पर घंटों की जांच चली। तब जाकर उसे जेंडर आइडेंटिटी डिस्फोरिया का सर्टिफिकेट दिया गया। इसके आधार पर हॉस्पिटल में इंडोक्रियोलॉजिस्ट के विशेषज्ञ टीम ने हार्मोन की जांच की। इसके अलावा और भी कई तरह की कठिन जांच हुई। हार्मोन थेरेपी के मार्फत शरीर में पुरूष हार्मोन की बढ़ाया गया।

काफी जटिल है प्रक्रिया :

जानकार बताते हैं कि लाखों में एक शरीर में ही इस तरह का शारीरिक बदलाव हो पाता है।कानूनी प्रक्रिया के बाद बेंगलुरु के एस्टर सीएमआई हॉस्पिटल में देश के सर्जन डॉ. मधुसूदन ने डॉक्टरों की टीम के साथ सौम्या की जटिल सर्जरी की। करीब 6 घंटे तक चली सर्जरी पूरी तरह सफल रही। इसके बाद सौम्या (लड़की) से समीर भारद्वाज (लड़का) के बन गई। इलाज में हुए लाखों का खर्च सौम्या की कंपनी ने उठाया।

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