सावन का आखिरी सोमवारी आज, जानिए राखी बांधने का शुभ मुहूर्त

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कोरोना काल में आज सावन का आखिरी सोमवारी है. कोरोना काल के बीच में ही भाई बहनों का पवित्र पर्व रक्षाबंधन भी मनाया जाएगा. आज के दिन लाखों श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ को सावन की आखिरी पांचवीं सोमवारी पर जलाभिषेक -रुद्राभिषेक करेंगे तो वही दूसरी तरफ बहनें अपने भाइयों की कलाइयों पर रक्षासूत्र राखी बांधेंगी.

रक्षाबंधन के इतिहास और पौराणिक रहस्य को जाने तो यह राखी भाई-बहन, गुरु-शिष्य, प्रकृति और इंसान के मध्य प्यार स्थापित कर सक्षम और समर्थ से और कमजोर की सुरक्षा के संकल्प का त्योहार है. धार्मिक मान्यता है कि मां लक्ष्मी ने भी पाताल लोक जाकर राजा बलि को राखी बांधकर उन्हें भाई बनाया था. राणी कर्णवती ने राजा हुमायूं को रक्षा के लिये राखी भेजी थी.

ज्योतिषाचार्यों की मान तो रक्षाबंधन पर पूर्णिमा व श्रवणी नक्षत्र पड़ने से अमृत योग व सर्वार्थ सिद्धि योग का संयोग बन रहा है. मिथिला पंचागों को माने तो सोमवार को श्रावण पूर्णिमा रात 08.35 बजे तक है. सुबह 08.35 में भद्रा समाप्ति हो जायेगी. इसके बाद राखी बांधने का शुभ मुहूर्त प्रारंभ होता है. बनारसी पंचांगों में बताया गया है कि सोमवार की सुबह 9.28 बजे भद्रा की समाप्ति हो जायेगी. इसके बाद राखी बांधी जा सकती है.

राखी बांधने का मुहुर्त
शुभ का चोघड़िया :प्रातः 9:30 से 11 बजे तक रहेगा.
अभिजित-मुहूर्त : दोपहर 12:18 से1:10 बजे तक रहेगा.
लाभ-अमृत का चोघड़िया : दोपहर 4:02 से 7:20 बजे तक रहेगा.

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