बिहार के स्कूलों से अब science के शिक्षक रहेंगे नदारद, सीटें अब रहेंगी खाली

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पूरे बिहार राज्य में माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक स्कूलों की सीटें नहीं भरेंगी। इस मर्तबा भी नियोजन इकाइयों को विज्ञान (science) के अध्यापक खोजने से नहीं मिलेंगे। इसका सीधा उदाहरण है साल 2011 के बाद उच्च माध्यमिक (senior secondary) की शिक्षक पात्रता योजना (STET) हुई ही नहीं है। यही सीटें रिक्त रहने का सबसे कारण होगी।

उदहारण के रूप में देखा जाए तो सीटें रिक्त रहने का सबसे बड़ा उदाहरण है कि सरकार के तरफ से जब वर्ष 2017 में नियोजन कराया गया था। उस वक़्त भी पटना जिला समेत दुसरे जिलों की नियोजन इकाइयों में विज्ञान (science) की सीटें रिक्त रह गई थी। पटना जिले की नगर परिषद् में साइंस के बहुत सारे विषयों में नियोजन के लिए आवेदन नहीं के बराबर मिले थे। नगर परिषद में senior secondary में भौतिकी विषय में 92 खाली पदें निकाली गई थी, इसमें केवल एक आवेदन मिला था। वहीँ कैमेस्ट्री विषय में 83 खाली पदें थी, आवेदन केवल 10, गणित में 90 खाली पदें, आवेदन केवल 3 मिले थे। उधर वनस्पति विज्ञान में 18 में केवल 12 आवेदन आये थे, और अंग्रेजी में 83 खाली पदें थी, जिसमें आवेदन केवल 9 मिले थे। इसी तरह से पटना जिले के नगर निगम में भी फिजिक्स में 15 खाली पदें थी, और इसमें आवेदन 1 का मिला था।

वर्ष 2011 में विज्ञान विषय में सफल होने वाले छात्रों की संख्या बहुत काम थी। वैसे परीक्षार्थी जिसने विज्ञान विषय में STET में सफल हुए थे, पहले ही बहाल हो चुके हैं। वहीँ दूसरी ओर सामाजिक विज्ञान विषय में अधिक मारामारी होगी। इन विषयों में अधिक सीटें भी नहीं हैं। कामयाब होने वाले अभ्यर्थी की संख्या ज्यादा है। सरकार के नए फैसले से STET के सफल छात्रों का दो वर्ष की वैधता बढ़ा दिया गया है। इसका लाभ भी arts विषय वाले परीक्षार्थियों को अधिक मिलेगा।

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