बिहार में सातवें चरण के चुनाव के लिए तैयारी हुई पूरी, इन दिग्गजों की प्रतिष्ठा लगी है दांव पर

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जैसा की आप जानते हैं कि लोकसभा चुनाव के तहत 19 मई को सातवें और आखिरी चरण का मतदान होना है। सातवें और आखिरी चरण के मतदान में बिहार में 8 सीटों पर मत डाला जाएगा। इस आखिरी चरण के मतदान में बिहार कोटे से मोदी मंत्रिमंडल में मंत्री बने चार बड़े चेहरों की प्रतिष्ठा दांव पर लगा हुआ है। बिहार के जिन चार जगहों से मोदी मंत्रिमंडल चुनावी मैदान में हैं, उनमें पटना साहिब से रवि शंकर प्रसाद, पाटलिपुत्र से रामकृपाल यादव, आरा से आरके सिंह, बक्सर से अश्विनी चौबे शामिल हैं। आपको बता दें कि इन चारों क्षेत्र में राजग का सीधा मुक़ाबला महागठबंधन से है। ये चुनावी लड़ाई कितना जबरदस्त है इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है इन चार सीटों में से तीन सीटों के लिए पीएम मोदी खुद चुनाव प्रचार करने आ चुके हैं।

अपनी मंत्रियों की जीत सुनिश्चित करने के लिए पीएम मोदी ने बिहार को दो दिन का वक़्त दिया, एवं बक्सर के साथ ही पालीगंज में भी जनसभा को सम्बोधित किया। बक्सर में किए गए जनसभा का सीधा असर आरा तथा बक्सर सीट पर पड़ेगा, वहीँ दूसरी तरफ, पालीगंज में किए गए जनसभा से पाटलिपुत्र और पटना साहिब के मतदाताओं को अपने तरफ खींचने का प्रयास किया जा रहा है। अगर पिछली दफा के चुनाव यानि 2014 के चुनाव की बात की जाए तो सभी उम्मीदवार को सफलता तो मिली थी, लेकिन इस बार के चुनाव की स्थिति, प्रत्याशी, तथा समीकरण, सब कुछ परिवर्तित हो चुका है।

आरा सीट से जहाँ आरके सिंह का मुक़ाबला भाकपा (माले) के राजू यादव से है, वहीँ पटना साहिब सीट से रवि शंकर प्रसाद के सामने शत्रुघ्न सिन्हा चुनाव मैदान में खड़े हैं। उधर, पाटलिपुत्र सीट से पिछली बार के चुनाव के तरह ही इस बार भी चाचा-भतीजी यानि रामकृपाल यादव का टक्कर उनकी भतीजी मीसा भारती से चुनाव मैदान में होगा, और बक्सर सीट से अश्विनी चौबे के सामने जगदानंद सिंह हैं।

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