मार्केट में आ गई मुजफ्फरपुर की शाही लीची, इतने रूपये में मिल रही हैं सौ पीस!

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अगर आप भी शाही लीची का स्वाद चखना चाहते हैं और हर साल की तरह इस साल भी इसका बेसब्री से इंतजार कर रहें  हैं तो आपके के लिए भी एक अच्छी खबर है.अब आप शाही लीची खाने की तम्मना को आसानी से पूरा कर सकते हैं. क्योंकि अब बजारों में शाही लीची ने दस्तक दे दी है.

हालांकि अभी लीची की कीमत थोड़ी अधिक है लेकिन लेकिन जो इसकी मिठास के दीवाने हैं वो इसकी कीमत की परवाह नहीं कर रहें हैं. लेकिन जो मंहगी कीमत चूका का लीची का स्वाद नहीं चख सकते हैं उन्हें 20 मई तक इंतजार करना होगा. उसके बाद फल मंडियों में बड़े पैमानें पर लीची की फसल आने वाली है.

बड़े पैमाने पर लीची के बाजारों में आने के बाद इसकी किमतों में गिरावट आने की संभावना भी है. खबरों की माने तो इस बार की लीची की क्वालिटी अच्छी है. रविवार के दिन मुजफ्फरपुर के कंपनी बाग व स्टेशन रोड के पास 150 से 170 रूपये प्रति सैंकड़ा के हिसाब से लीची बेची गयी है.

बताया जा रहा है कि बुधवार को मुजफ्फरपुर की शाही लीची कई कई पीस मुंबई भेजी जाएगी. एमबीआरआई के अविनाश कुमार के अनुसार एयर कार्गो के माध्यम से रोजाना करीब चार टन लीची मुंबई भेजे जायेंगे. एयर कार्गो करीब चार से पांच घंटे में मुंबई पहुंच जाती है.

इसके अलावा ट्रेन से भी करीब 400 पेटी लीची मुंबई भेजी गई है. जबकि 60 पेटी लीची पंजाब भी भेजी गई है. बताया जा रहा है कि रेलवे के तरफ से लीची की ढुलाई के लिए पवन एक्सप्रेस और जयनगर लोकमान्य तिलक टर्मिनस एक्सप्रेस विशेष लीज वैन की व्यवस्था की गई है.

आपको बता दें कि अभी पूरी तरह से बाजारों लीची की फसलें नहीं आई हैं. लेकिन बहुत ही जल्द फल बाजारों में आपको जगह जगह लाल रंग की मन मोहने वाली वाली रसीली लीची देखने को मिल जाएगी. इस बार की लीची की फसल के पहले के मुकाबले काफी अच्छी बताई जा रही है.

मुजफ्फरपुर के बाजारों में शाही लीची आनी भी शुरू हो गयी है. लेकिन प्रदुषण के साथ साथ बोरॉन व नमी की कमी के कारण मुजफ्फरपुर बागानों में लीची के फल लाल होकर फट कर गिरने लगे हैं.

बैरिया, कांटी, कन्हौली के आसपास के बगीचों में ऐसे मामले सामने आ रहें हैं. हालांकि बारिश होने के बाद यह समस्या दूर हो जाएगी. बारिश के बाद लीची मिठास बढ़ेगी और इसकी नमी की कमी भी दूर हो जाएगी.

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