शारदीय नवरात्रि आज से शुरू, इस बार नवमी और विजयदशमी एक ही दिन

0
125

अश्विन शुक्ल पक्ष में प्रतिपदा से नवमी तक मां भगवती के नौ रूपों की पूजा की जाती है. आश्विन मास में पड़ने वाले इस नवरात्र को शारदीय नवरात्र कहा जाता है. इस दौरान मां दुर्गा के भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं और पूरे मन से देवी मां के नौवे रूपों की पूजा करते हैं. इस नवरात्रा को हम गरों में कलश स्तापना के साथ पूजा पंडालों में भी स्तापित करते हैं इस दौरान माता रानी की आराधना करते हैं. कहा जाता है कि यह दो मौसमों के बीच का काल होता है. ऐसे कालखंड में एक सकारात्मक ऊर्जा का एहसास होता है.

ज्योतिषाचार्य की माने तो इस शारदीय नवरात्र आश्विन शुक्ल पक्ष की उदय कालिक प्रतिपदा तिथि 17 अक्टूबर दिन शनिवार से शुरू हो रहे हैं. इस दिन माता के पहले स्वरुप शैल पुत्री के साथ ही कलश स्थापना के लिए भी अति महत्वपूर्ण दिन माना जाता है. इस दिन माता शैलपुत्री की पूजा होती है. आपको बता दें कि पर्वतराज हिमालय के यहां पुत्री रूप में उत्पन्न होने के कारण इनका नाम शैलपुत्री पड़ा था.

मान्यताओं के अनुसार इनका जन्म प्रजापति दक्ष के यहां हुआ था. तब इनका नाम सती था. इस दिन कलश स्थापना कर नौ दिनों तक माता की विशेष पूजा की जाती है. शारदीय नवरात्र को देवी ने अपनी वार्षिक महापूजा कहा है. इसी नवरात्र को मां भगवती अपने अनेकानेक रूपों- नवदुर्गे, दश महाविद्या और षोड्श माताओं के साथ आती हैं. देवी भागवत में देवी ने शारदीय नवरात्र को अपनी महापूजा कहा है.

इस बार शारदीय नवरात्र 17 से 25 अक्टूबर के बीच रहेंगे हालाँकि नवरात्र के नौ दिनों में कोई तिथि क्षय तो नहीं होगी लेकिन 25 तारिख को नवमी तिथि सुबह 7:41 पर ही समाप्त हो जाएगी. इसलिए नवमी और विजयदशमी एक ही दिन होंगे.

प्रतिपदा – 17 अक्टूबर
द्वितीय – 18 अक्टूबर
तृतीया – 19 अक्टूबर
चतुर्थी – 20 अक्टूबर
पंचमी – 21 अक्टूबर
षष्टी – 22 अक्टूबर
सप्तमी – 23अक्टूबर
अष्टमी – 24 अक्टूबर
नवमी – 25 अक्टूबर

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here