विदेश जाने के मामले में बिहार के इस जिले ने मारी बाज़ी

0
501

बिहार में बेरोज़गारी एक बहुत बड़ी समस्या है बिहार में जितने रोज़गार नहीं है उतनी ज्यादा भीड़ बेरोजगारों की देखने को मिलती है हालांकि बिहार अभी भी एक मामले में सबसे आगे बताया जा रहा है मिली जानकारी के अनुसार बिहार का यह जिला बाकी सभी जिलों के मुकाबले शीर्ष स्थान पर है विदेश जाने के मामले में बिहार से बाहर रोज़गार की तलाश में कई युवाओं का आना जाना लगा रहता है इसी क्रम में हाल ही में क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना की तरफ से जारी किये गए आंकड़ो के अनुसार नौकरी के लिए बिहार से बाहर जाने के मामले में बिहार का सिवान जिला पहले स्थान पर है. सिवान जिला में बाहर जाने वालों की संख्या इतनी ज्यादा है कि इस जिले ने तो अब बिहार की राजधानी पटना को भी पीछे छोड़ दिया है, क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय पटना की तरफ से जारी आंकड़ों के अनुसार साल 2019-20 में राज्यों में तीन लाख पांच हज़ार 300 पासपोर्ट जारी किये गए थे इनमे सबसे ज्यादा सिवान जिले के ही थे जिसके बाद दुसरे और तीसरे नंबर पर बिहार की राजधानी पटना और गोपालगंज को चिन्हित किया गया है

आपकी जानकारी के लिए आपको बता दे वर्तमान समय में बिहार में उद्योग की संख्या काफी सिमित है रोज़गार के आभाव के कारण ही राज्य के बहुत सारे श्रमिक विदेशो का रास्ता चुनते है और बिहार के बाहर प्रवास करते है बिहार से बाहर निकलने वालों की संख्या का अंदाजा हर साल पासपोर्ट के लिए किये जा रहे आवेदनों और जारी पासपोर्ट की संख्या को ही देखते हुए लगाया जा सकता है, आंकड़ों की तरफ ध्यान दे तो साल 2019-20 में पासपोर्ट के लिए दो लाख 89 हज़ार सात सौ आवेदन प्राप्त हुए थे जबकि तीन लाख पांच हज़ार 300 पासपोर्ट जारी किये गए है हालांकि इनमे से कुछ पुराने आवेदन भी बताये गए है मगर मिली जानकारी के अनुसार इनमे से अधिकतर अकुशल और अर्ध कुशल लोगो की संख्या सबसे ज्यादा है जो रोज़गार की तलाश में ही खाड़ी देशो की तरफ रुख कर रहे है. इसके साथ ही अगर हम साल 2019-20 में जारी पासपोर्ट के आंकड़ो को देखे तो एक तिहाई पासपोर्ट सिवान पटना और गोपालगंज जिले वासियों के है हालांकि इन तीनो जिलों में से भी सिवान ने बाज़ी मार ली है इसमें सिवान की हिस्सेदारी 12.3 प्रतिशत और पटना की 11.2 और गोपालगंज की 9.1 फीसदी देखने को मिली है

इसके अलावा अगर हम बाकी अन्य जिलों की बात करे तो इसमें मुज्ज़फरपुर, सारण, पश्चिम चंपारण और पूर्वी चंपारण का नाम भी शामिल है जारी आंकड़ों के अनुसार इन जिलों की हिस्सेदारी देखे तो यह लगभग 5 प्रतिशत है, इसके साथ ही अगर हम विदेश जाने वालो की सबसे कम संख्या की बात करे तो बिहार का शेखपूरा जिला सबसे निचले पायदान पर है शेखपुरा जिले में केवल 895 पासपोर्ट ही बनाये गए है इसके साथ ही शिवहर में 974 अरवल में 1102 और लखीसराय में महज़ 1196 पासपोर्ट का निर्माण ही साल 2019-20 में जारी किया गया था.

हालांकि बिहार के युवाओं को पढ़ाई के साथ साथ कमाई के लिए भी बाहर का रास्ता देखना पड़ता है मगर साल 2020 में आई सरकार ने बिहार के युवाओं के लिए और खासकर की नौकरी के तलाश में बैठे युवाओं के लिए बिहार में उद्योग लगाने की बात पर जोर दिया है जिसके तहत आने वाले समय में रोज़गार के लिए युवाओं के बाहर जाने का सिलसिला कुछ थम सकता है हाल्नाकी ये तो आने वाले समय में ही साफ़ होगा कि बिहार सरकार अपने वादे पर उतरने में कितनी कामयाब हो पाती है कितनी नहीं.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here