आखिर किस तरह एक तांगेवाले ने खड़ा किया अरबों का व्यापार और बन गया उद्दोगपति !

0
328

आदमी जब जन्म लेता है उसके बाद से वह सीखता ही रहता है. इंसान जितना विस्तृत अपने सीखने का दायरा करता है वह उतना ही अधिक शक्तिशाली होता है . सीखने की प्रेरणा, खुद के जीवन में अपनी परिस्थितियों के अनुकूल उचित निर्णय लेना जीवन के दिशा को बदलने के लिए काफी है. इंसान जो कुछ भी होता है वह अपने परिस्थितियों के वजह से नहीं बल्कि अपने द्वारा लिए गए निर्णय और कर्मों के वजह से होता है।

एक ऐसे इंसान की कहानी जिसके नाम से आपलोग परिचित ही हैं. इतने प्रसिद्ध होने वाले आदमी के जीवन के बारे में यदि आप जानेंगे तो हैरान रह जायेंगे। पढाई में पिछड़ा होने के साथ ही साथ पढाई के प्रति इच्छुक भी वे नहीं थे. स्कूल नहीं जाने वाले और शिक्षा से भागने वाले बच्चे को उसके माँ-पिता ने कार्य पर लगा दिया। कार्य पर लगाए जाने के बाद 15 साल की उम्र तक उसने 50 काम बदले। अंत में पिता ने छोटा-सा मसाला का दूकान खोल दिया जिसमें कार्य करने को कहा।


भारत और पाकिस्तान के बंटवारे में उनका दूकान बुरी तरह उजड़ गया. वे दिल्ली अपने रिश्तेदार के पास चले गए वहाँ जाकर उन्हें कोई कार्य नहीं मिला। उनके पास 1500 रूपये थे और कुछ पैसे जुटा कर उन्होंने टांगा खरीद लिया। कुछ दिनों तक टांगा चलाये मगर मन लगा नहीं। उसे छोड़कर उन्होंने मसा ला का कारोबार शुरू किया। मसाला खरीदकर खुद ही उसे साफ करते और पिसवाते।

एक दिन मसाला पिसते समय उन्होंने देख लिया कि उसमें मिलावट कर दिया जाता है। वे ग्राहकों को शुद्ध मसाला बेचते थे। जिस वजह से उन्हें काफी दुःख हुआ और वे पैसों का जुगाड़ कर मसाला की फैक्ट्री बैठा लिए। इसके बाद उन्होंने अपने व्यापार को बढ़ाया और धीरे-धीरे यह लोगों के बीच काफी प्रसिद्ध हो गया.

ये कोई और नहीं बल्कि महाशय धरमपाल हट्टी(M.D.H) थे जो किसी पहचान के मोहताज नहीं रहे. आख़िरकार उन्होंने यह साबित कर दिया कि भले ही इंसान की शुरआत कहीं से भी हो, उसकी परिस्थितियाँ कुछ भी हो यदि उसमें ईमानदारी होती है, अपने कार्य के प्रति प्यार होता है और सही निर्णय क्षमता होती है तो कोई भी सफलता हासिल कर सकता है। इनका जन्म सियालकोट में हुआ था। किर्तिनगर उन्होंने पहला फैक्ट्री खोला था. इसके अतिरिक्त उन्होंने कई विद्द्यालय और अस्पताल भी खुलवाएं और समाजसेवा भी कीं। उन्हें 2019 में राष्ट्रपति राम नाथ कोविंद के द्वारा पद्म श्री नवाज से नवाजा गया।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here