सुन्नी वक्फ बोर्ड बाबरी मस्जिद-राम मंदिर विवाद पर नहीं देगा कोर्ट में चुनौती

0
554

134 वर्ष पुराना विवाद जिसकी क़ानूनी लड़ाई 70 वर्षों से चली आ रही थी। प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता में सुप्रीम कोर्ट के पाँच सदस्यीय बैच ने बाबरी मस्जिद – राम मंदिर विवाद पर पूर्णविराम लगा दिया है. कोर्ट ने फैसले में राम मंदिर बनाये जाने और मस्जिद के लिए 5 एकड़ जमीन दिए जाने का निर्णय सुनाया है।

फैसला आने के बाद यूपी सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड ने साफ कह दिया है कि वह कोर्ट में इस मुद्दे को लेकर कोई चुनौती नहीं देगा। बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि कोर्ट में इस मुद्दे को लेकर चुनौती नहीं देगा लेकिन 5 एकड़ जमीन को लेकर विचार-विमर्श किया जाएगा।

बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फ़ारूक़ी ने कहा है कि फैसला आने के पूर्व सभी ने कहा था कि कोर्ट का फैसला मान्य होगा लेकिन अब अगर कोई रिव्यू पोटिशन करता है तो ये बिलकुल ही गलत है। जब बोर्ड के अध्यक्ष जुफर फ़ारूक़ी से ओवैसी के इस निर्णय को चुनौती दिए जाने के सम्बन्ध में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि ओवैसी कौन है, मैं नहीं जानता और ना ही उनसे कभी मिला हूँ।

वहीँ शिया धर्मगुरु मौलाना कल्बे जवाद ने भी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है और कहा है कि कोर्ट के फैसले का हम स्वागत करते हैं. उन्होंने कहा कि खुश हूँ कि इस फैसले को मुसलमानों ने और बड़े लोगों ने स्वीकार किया है और लम्बे वर्षो से चला आ रहा विवाद अब समाप्त हो गया है। वे कहते हैं कि फैसले पर रिव्यु पेटिशन का अधिकार तो है परन्तु अब इस मामला को समाप्त किया जाना चाहिए।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here