लालू के कन्हैया का बिहार से हुआ मोहभंग, यहां से चुनाव लड़ने की जताई इच्छा

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बिहार में इस साल विधानसभा चुनाव (Assembly elections) होने हैं और साथ ही राज्यसभा चुनाव (Rajya Sabha elections) की भी अधिसूचना जारी कर दी गई है. ऐसे में लालू यादव (lalu Yadav) के बड़े बेटे और पूर्व स्वास्थ मंत्री तेजप्रताप यादव (Tejpratap Yadav) मैदान में उतर गए हैं. वे प्रतिदिन लोगों से मिल रहे हैं लोगों के बीच जा रहे हैं. लोगों के दुख सुख में सम्मिलत हो रहे हैं. इसी कड़ी में शुक्रवार की शाम को वे एक कार्यक्रम में जंदाहा पहुंचे जहां उन्होंने एक दलित बस्ती में मक्के की रोटी और साग खाया.

तेजप्रताप ने ट्वीटर पर अपनी तस्वीरों के साथ लिखा है कि जंदाहा में कल कार्यक्रम के बाद थोड़ी भूख सी लगी, कुछ ही दूरी पर झोपड़ीयों वाली एक दलित बस्ती दिखी, फिर क्या साइकिल उठाया और पहूँचा उन झोंपड़ियों के बीच, पूछा तो पता चला कि एक बहन ने मक्के की रोटी और साग बनाया है. खा कर मन अतिप्रसन्न हुआ. अथाह प्यार और आशिर्वाद के लिए धन्यावाद. तेजप्रताप अपने आप को लालू यादव की तरह मानते हैं वे उन्ही की तरह भाषा का इस्तेमाल करते हैं उन्ही की तरह वे सब कुछ करना चाहते हैं जो लालू यादव अपने जन संवाद में किया करते थे.

अब बात तेजप्रताप के राज्यसभा प्यार की. इस साल राज्य सभा में बिहार से पांच सीटें खाली हो रही है. जिसमें से दो सीटों पर राजद अपने उम्मीदवार उतार सकती है. तेजप्रताप यादव इन दिनों दिल्ली में है. जहां वे राज्यसभा में टिकट को लेकर चर्चा कर सकते है उसके बाद वे लालू यादव से इस मामल में बात करेंगे तब यह फाइनल हो पाएंगा कि राज्य सभा में राजद की तरफ से दो नाम कौन कौन हो सकते हैं. इसको लेकर एक फार्मालूया राजनीतिक गलियारों में चल रहा है जिसमें कहा जा रहा है कि एक सीट परिवार से तो वहीं दूसरी सीट बाहर से मिलने के आसार हैं.

पहले बात करते हैं बाहर की सीट के बारे में बताया जा रहा है कि प्रेमचंद्र गुप्ता का नाम सबसे आगे चल रहा है. इसके पिछे तर्क दिया जा रहा है कि ये लालू यादव के सबसे करीबी लोगों में एक हैं तो लालू प्रेम का फायदा इन्हें मिल सकता है. अगर पार्टी इससे नकार कर अगर इस विधानसभा चुनाव को फोकस कर इस बार राज्यसभा का टिकट बांटती हैं तो वह सवर्णों का वोट अपनी तरफ करने के लिए रघुवंश प्रसाद सिंह को टिकट दे सकती है.

वहीं अगर राजद परिवार में एक टिकट की बात करें तो इस बार तेजप्रताप यादव की नजर दिल्ली की ओर है उनकी इच्छा है कि वे दिल्ली में जाए. जैसा कि उन्होंने अपने पिता यानी की राजद सुप्रीमो लालू यादव को बता भी दिया है. पार्टी इस समय इस उधेड़ बुन में है कि वह क्या करे परिवार देखे या पार्टी देखे अगर तेजप्रताप का टिकट कटता हैं तो यहां भी परिवार से बाहर के लोगों की इंट्री होगी. राजद के पास एक दूसरी समस्या कांग्रेस के रूप में है कांग्रेस और राजद के बीच में करार हैं कि बिहार में 10 लोकसभा और एक राज्यसभा सीट देने की बात कही गई थी लेकिन अभी तक इसको लेकर कोई ठोस बात होती दिख नहीं रही है. अगर एक सीट कांग्रेस अपने खाते में लेती है तो राजद के हिस्से के सीट रह जाएगी.

आपको बता दें कि राज्यसभा में सांसद बनान के लिए विधानसभा में 41 विधायक होना जरूरी है ऐसे में राजद के पास 81 विधायक है और उन्हें दो सीटों के लिए एक विधायक की जरूरत होगी ऐसे में यह अऩुमान लगाया जा रहा है कि वाम दलों की मदद से राजद अपने दो सांसद राज्यसभा में भेज सकता है.

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