दलित समाज के नौकरी पर सियासत गर्म, सुशील मोदी ने दिया जवाब- जल्द ही मिलेगा विरोधियों को सबक

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बिहार(Bihar) में नीतीश सरकार ने एससी-एसटी वर्ग के किसी व्यक्ति के ह-त्या होने पर उस परिवार के सदस्य को नौकरी दिए जाने का फैसला किया है. जिसे लेकर मुद्दा गरमा गया है। तेजस्वी यादव ने इस फैसले पर आपत्ति जताते हुए सरकार पर गंभीर आ-रोप लगाया है। नेता प्रतिपक्ष ने सरकार पर ह त्या को प्रमोट करने का आ-रोप लगाया है। जिस पर डिप्टी सीएम ने ताबरतोड़ एक के बाद एक ट्वीट कर तेजस्वी पर पलटवार किया है।

डिप्टी सीएम सुशील मोदी(Deputy Cm Sushil Modi) ने कहा है कि जो लोग ऊंची जाति के गरीबों को 10 फीसद आरक्षण दिए जाने तक का विरोध करते हैं, वे उनके हितैषी बनने के लिए आश्रित को नौकरी देने में समानता की दुहाई दे रहे हैं। दलित और सामान्य वर्ग के लोग मिल कर राजद को फिर सबक सिखायेंगे।

उन्होंने दूसरा ट्वीट किया है कि दलित की ह-त्या पर पीड़ित परिवार को नौकरी दिए जाने का विरोध करने वाला राजद क्या घोषणा कर सकता है कि उन्हें मौका मिला तो हर तरह की अनुग्रह राशि और अनुकंपा नौकरी बिहार में बंद कर दी जाएगी?

तीसरा ट्वीट में तेजस्वी के लगाए हुए आरोप को बेबुनियादी करार देते हुए सुशील मोदी ने कहा है कि कुतर्क की पराकाष्ठा करने वाले बतायें कि कोई अनुग्रह राशि या राहत किसी अप्रिय घटना को बढ़ावा देने के लिए होती है? जो अनुकंपा और दंड में अंतर नहीं समझतेे, वे सरकार क्या चलायेंगे?

सुशील मोदी ने अपने ट्वीट में यह भी कहा है कि किसी तरह के हादसे में जान जाने पर पीड़ित परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिए जाने की मांग अक्सर की जाती है वही जब सरकार ने ऐसा ही एलान दलित समाज के लिए किया तो इसका विरोध क्यों होने लगा ?

सरकार के इस घोषणा पर लोजपा प्रमुख चिराग पासवान ने भी सवाल उठाये हैं। लेकिन इसके साथ ही चिराग पासवान ने सरकार को पत्र भी लिखा है और कहा है कि अब तक जितने दलितों की ह त्या हुई है उनके परिवार के सदस्य को नौकरी दी जाये। नहीं तो लोग इसे चुनावी घोषणा समझेंगे। बिहार सरकार के चुनावी समय में इस तरह के एलान को कहीं न कहीं चुनावी मजबूती बनाये और वोट बैंक बनाने के तौर पर देखा जा रहा है।

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