बिहार का महावीर मंदिर ट्रस्ट राम मंदिर निर्माण के लिए देगा 2 करोड़ रुपये

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अयोध्‍या मामले पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद राम मंदिर निर्माण का रास्‍ता साफ हो गया है. सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को तीन महिने का समय दिया है जिसमें केंद्र को ट्रस्ट बनाकर दोनों पक्षों को जमीन आबंटित करने की बात कई है. हिंदू पक्षकारों को 2.77 एकड़ जमीन देने की बात कही गई है तो वहीं मुस्लिम पक्षकारों को 5 एकड़ जमीन आबंटित की गई है. इसके लिए बिहार की महावीर मंदिर न्यास समिति हर साल राम मंदिर निर्माण के लिए दो करोड़ रुपये देगी.

बिहार के महावीर मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष और अयोध्या मामले के पक्षकार आचार्य किशोर कुणाल ने कहा है कि उसने तमाम प्रमाणों के आधार पर रामलला के विराजमान होने का जो ऐतिहासिक फैसला दिया है, उसका सभी को स्वागत करना चाहिए. सुप्रीम कोर्ट ने रामलला के पक्ष में निर्णय देते हुए मंदिर निर्माण की सभी बाधाओं को दूर कर दिया है. मुस्लिम पक्ष को पांच एकड़ जमीन देने का आदेश देकर सभी पक्षों को संतुष्ट करने की भी कोशिश की है. देश पर इसका धार्मिक, सामाजिक एवं सांस्कृतिक असर होगा.

वही, आचार्य ने कहा कि दो करोड़ रुपये महावीर मंदिर न्यास समिति अयोध्या में राममंदिर निर्माण को बनने वाले ट्रस्ट को देगी. इसके अलावा अयोध्या में अमांवा मंदिर में राम रसोई शुरू करेंगे, जिसमें श्रद्धालुओं को मुफ्त भोजन दिया जाएगा. इसके लिए 5000 वर्ग फीट का परिसर बनाया गया है, जो अयोध्या में स्थिति सामान्य होते ही काम शुरू कर देगा.

आचार्य कुणाल ने कहा कि अयोध्या में भव्य श्रीराम मंदिर के निर्माण के लिए वे 1990 से लगे थे. इसके लिए देश के विभिन्न पुस्तकालयों एवं सरकारी कार्यालयों से साक्ष्य एकत्रित किए. साक्ष्यों के आधार पर ‘अयोध्या रिविजिटेड’ पुस्तक की रचना की. पुस्तक में स्पष्ट है कि अयोध्या में विवादित स्थल के मध्य गुंबद के नीचे भगवान श्रीराम का जन्म हुआ था. इसके लिए सीता रसोई का प्रमाण दिया गया है. इसके अलावा जन्मस्थल से संबंधित एक नक्शा भी तैयार कराया गया जिसे सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में पेश किया गया था.

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