सूरत और कोलकाता की तरह पटना में भी बनेंगे रेडीमेड गारमेंट्स, जल्द लागु होगी यह नई पॉलिसी

0
275

पटना में भी अब गुजरात के सूरत और पश्चिम बंगाल के कोलकाता तरह ही रेडीमेड गारमेंट्स का निर्माण किया जायेगा. बिहार सरकार बहुत जल्द राज्य में टेक्सटाइल पॉलिसी लागु करने जा रही है. जिसके बाद पटना के साथ साथ कई अन्य शहरों में टेक्सटाइल इंडस्ट्री लगाई जाएगी.

जिसके बाद यहां के लोगों को बेहतर और सस्ते कपड़े खरीदने का मौका मिलेगा. जबकि इससे बिहार में रोजगार के द्वार भी खुलेंगे. वहीं बिहार से बाहर जाकर दूसरे राज्यों के टेक्सटाइल उद्द्योग में काम करने वाले कामगारों को अपने राज्य में काम करने मा विकल्प भी मिल जायेगा.

मौजदा समय में सूरत के अलावा कोलकाता में रेडीमेड कपड़ों का बड़ा उद्द्योग है. बिहार के कपड़ा व्यवसायी इन जगहों से माल मंगाते हैं. जिसमें उनकी कॉस्टिंग बढ़ जाती है और जिसके कारण उन्हें कपड़ों को मंहगे दामों पर पर बेचना पड़ता है. इन दोनों शहरों से अंडरवियर और बनियान को भी बड़ी संख्या में आयात किया जाता है.

क्योंकि अंडरवियर और बनियान बनाने वाली ज्यादातर कम्पनियां कोलकाता में ही है. लेकिन बिहार में टेक्सटाइल निति के लागू होने के बाद बिहार में भी बड़े पैमाने पर बनियान, अंडरवीयर समेत कई तरह के रेडीमेड गार्मेंट्स को बनाने काम किया जाएगा. इस संबंध में बिहार के उद्योग मंत्री सैयद शाहनवाज हुसैन का भी यही कहना है.

उद्योग मंत्री के अनुसार दूसरे राज्यों में जाकर वहां स्थापित कपड़ा कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों में करीब 86% कर्मचारी बिहार के ही हैं. बिहार सरकार उनके राज्य में भी रोजगार देना चाहती है. इसलिए जल्द ही बिहार में टेक्सटाइल नीति लायी जाएगी. इस नीति का प्रारूप अंतिम चरण में हैं. कैबिनेट से मंजूरी मिलने के बाद इस नीति के तहत पटना सिटी के अलावा बिहार के अन्य शहरों में टेक्सटाइल उद्योगों को स्थापित किये जायेंगे.

उद्योग मंत्री में आगे यह कहा कि कपड़ा कपनियों में काम करने वाले करीब 86% लोग कोरोना के दौरान दूसरे राज्यों से लौट कर बिहार आये थे. जबकि अब इन कामगारों को रोजगार के लिए दूसरे राज्यों की गारमेंट्स कंपनी पर डिपेंड नहीं रहना पड़ेगा क्योंकि अब उन्हें अपने राज्य में लगने वाले कपड़ा उद्द्योगों में काम मिल जाएगा.

उन्होंने ने बताया कि बिहार के बाहर टेक्सटाइल उद्योग से जुड़े कामगारों के साथ साथ उनके मालिकों से भी बात हो रही है. इन कामगारों और मालिकों का भी बिहार आकर काम करने का मन कर रहा है. शाहनवाज हुसैन ने कहा कि सरकार टेक्सटाइल उद्योग में निवेश करने वाले निवेशकों को बिहार में हर सुविधा देने को तैयार है. वहीं जल्द ही इसके के लिए नई व्यवस्था भी लागु की जाएगी.

इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि कंबल बनाने के लिए बिहार के कामगारों को बेहतर प्रशिक्षण दिया जायेगा. साथ ही यह भी कोशिश की जाएगी बिहार में बनने वाले कंबलों को दूसरे राज्यों में भी भेजा जाय. वैसे भी बिहार में बनने वाले कंबल को लोग खूब पंसद किये जाते हैं. लेकिन इसकी सहित तरीके से ब्रांडिंग और आपूर्ति नहीं किये जाने के वजह से इससे जुड़े कामगारों को लाभ नहीं मिल रहा है.

 

 

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here