बिहार के मधेपुरा में तैयार हुआ देश का पहला स्वदेशी रेल इंजन, आज पहुंचा हबीबगंज

0
554

देश में मेक इन इंडिया मिशन के तहत तैयार किया गया है देश का पहला रेल इंजन. यह इंजन को मध्य प्रदेश के हबीबगंज रेलवे स्टेशन पर पहुंच गया है. इस इंजन के बारे में बताया जा रहा है कि इसमें 12000 हॉर्स पावर की शक्ति हैं. इस इंजन का नाम WAH12 दिया गया है. इसके साथ ही इस इंजन में आईजीबीटी तककनी से लैस किया गया है. इस इंजन का 3-फेज ड्राइव भी है. वर्तमान में इस इंजन की पहचान के लिए 600027 नंबर दिया गया है.

इस रेल इंजन को लेकर भारतीय रेलवे के वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि देश में निर्मित यह इंजन का 180 टन वजनी है और यह इंजन 100 से 150 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने में सक्षम है. 35 मीटर लंबा यह इंजन 5400 लोड बिना बैंकर लगाए खींचने में सक्षम है. वहीं, 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से फुल लोड लेकर इंजन चल सकता है. 122.5 टन के एक्सल लोड के ट्विन बो-बो डिजाइन वाले इंजन को 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार के साथ 25 टन तक अपग्रेड किया जा सकता है. इंजन डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के लिए कोयला रेलगाड़ियों की आवाजाही के लिए एक गेम चेंजर साबित होगा इस इंजन में लगे जीपीएस सिस्टम की मदद से इसपर नजर रखी जा सकती है.

बिहार के मधेपुरा में 800 स्वदेशी इंजन तैयार किए जा रहे हैं. फिलहाल यह इंजन ट्रायल पर है. इस इंजन को जबलपुर के रास्ते भोपाल पहुंचा दिया गया है. इसके बाद यह भोपाल के अलग-अलग रेल मंडल में पहुंचेगी. आपको बता दें पीएम मोदी के पहले कार्यकाल में रेल मंत्री सुरेश प्रभु ने मेक इन इंडिया के तहत इस इंजन को बनाने की नीव रखी थी. जो अब बनकर पूरी तरह से तैयार हो गया है. इस इंजन में एयर कंडिशन भी लगा हुआ है. माल गाड़ी में गर्मी के कारण लोकोपायल को गाड़ी चलाने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ता था.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here