इन्हें मिल सकती है JDU के राष्ट्रीय अध्यक्ष की कमान

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सियासत में बदलाव की संभावना हर समय बनी रहती है. ऐसे में बिहार जदयू मे भी इन दिनों कुछ ऐसा ही चल रहा है. आपको बता दें कि जदयू में जब से यह नियम बना है कि एक व्यक्ति एक पद उसके बाद से बदलाव के संकेत साफ साफ दिखाई देने लगे हैं. आपको बता दें कि जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष RCP सिंह के केंद्र मे मंत्री बनने के बाद इसकी सुगबुगाहट तेज हो गई है. मीडिया में चल रही खबरों की माने तो मुंगेर से सांसद ललन सिंह और संसदीय बोर्ड के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा में से कोई एक अध्यक्ष बन सकते हैं.

जदयू में राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने को लेकर कई तरह की थ्योरी काम कर रही है. कई तरह की बातें मीडिया में लिखी जा रही है. सोशल मीडिया में भी कई तरह की बातें कही जा रही है. ऐसे में दैनिक भास्कर में जो खबर चल रही है उसमें बताया बताया जा रहा है कि मुंगेर के सांसद ललन राष्ट्रीय अध्यक्ष बन सकते हैं. और उपेंद्र कुशवाहा को प्रदेश की जिम्मेदारी मिल सकती है. इसके पिछे जो तर्क दिया जा रहा है उसमें बताया जा रहा है कि नीतीश कुमार राजनीतिक-सामाजिक-जातिगत समीकरण को बैलेंस करेन के साथ-साथ पार्टी के सर्वोच्च पद पर अपने विश्वस्त को ही बैठाना चाहते हैं. इसीलिए कहा जा रहा है कि इस फार्मूलें के हिसाब से ललन सिंह इस रेस में सबसे आगे हो सकते हैं.

पिछले दिनों हुए मंत्रिमंडल विस्तार में RCP सिंह के मंत्री बन जाने से बाद से राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर संशय की स्थिति थी. इस स्थिति से निकालने के लिए और सामाजिक समीकरण को दुरुस्त करे के लिए ललन सिंह विकल्प के तौपर पर उभरे हैं. आपको बता दें कि उनके पास प्रदेश अध्यक्ष होने का भी अनुभव है. इसके साथ ही वे नीतीश कुमार के विश्वास पात्रों में से एक हैं. ऐसे में अब कहा जा रहा है कि RCP सिंह बहुत जल्द पटना आएंगे और राष्ट्रीय अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष की घोषणा करेंगे.

मीडिया में चल रही एक दूसरी खबर की माने तो आरसीपी सिंह के केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल होने के बाद लगातार यह चर्चा है कि किसी नए चेहरे को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया जा सकता है. राष्ट्रीय अध्यक्ष के दावेदारों में एक नाम उपेंद्र कुशवाहा का भी लिया जा रहा है. अगर उपेंद्र कुशवाहा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते है तो फिर उमेश कुशवाहा को प्रदेश अध्यक्ष बने रह पाना मुश्किल होगा. नीतीश कुमार पार्टी में राष्ट्रीय और प्रदेश स्तर पर नेतृत्व एक ही जाति के नेताओं को नहीं देना चाहेंगे. ऐसी स्थिति में अगर कुशवाहा राष्ट्रीय अध्यक्ष बनते हैं तो उमेश कुशवाहा की भूमिका में भी बदलाव की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है.

आपको बता दें कि पिछले दिनों प्रदेश पदाधिकारियों की हुई बैठक में यह तय हो गया था कि आगामी 31 जुलाई को पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारिणी आयोजित होगी. राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नए अध्यक्ष को लेकर चर्चा हो सकती है. अभी तक पार्टी की तरफ से कोई स्पष्ट संकेत सामने नहीं आए हैं लेकिन हां पार्टी मे जिस तरह से बदलवा और पार्टी के नेताओं के बयान सामने आ रहे हैं उससे यह साफ होता है कि आने वाले दिनों में पार्टी में कोई बड़ा फेरबदल हो सकता है.

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