कई नेताओं का ठिकाना बनेगा तीसरा मोरचा !

बिहार विधानसभा चुनाव में जहां एनडीए और यूपीए के बीच सीधी टक्कर होनी है तो इसी बीच तीसरा मोरचा तैयार करने की कवायद भी शुरु हो चुकी है. इस तीसरे मोरचे की भूमिका में पूर्व सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव, पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी और पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा की बड़ी भूमिका की बात कही जा रही है.

Yashwant Sinha virtually announces return to party politics - News ...

आगे आने वाले और समय में इसमें कौन कौन जुड़ेगा, अभी ये कहना कठिन है लेकिन तीसरा मोरचा बनना तय है. यह मोरचा किसको लाभ पहुंचाएगा और किसको नुकसान पहुंचाएगा, अभी इस पर कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी लेकिन कई सीटों पर इनके उम्मीदवार बड़ी भूमिका अंदा करेंगे, ये तय है.

अभी इस प्रस्तावित मोरचे में जहां पूर्व सांसद प्रो अरुण कुमार, पूर्व मंत्री नागमणि, पूर्व मंत्री रेणु देवी, पूर्व मंत्री नरेंद्र सिंह जैसे लोग हैं जो बिहार की राजनीति के कद्दावर चेहरे माने जाते हैं. वहीं पूर्व सांसद पप्पू यादव का भी छोटा ही सही पर बिहार की राजनीति में अपना एक अलग ही जनाधार है. खास कर पप्पू यादव, प्रो अरुण कुमार और नरेंद्र सिंह जैसे नेताओं के समर्थक बिहार के सभी 38 जिलों में मौजूद हैं. इस तीसरे मोरचे में चाणक्य की भूमिका में अटल बिहारी वाजपेयी के आर्शीवाद प्राप्त नेता यशवंत सिन्हा है.

We are with Grand Alliance: Jitan Ram Manjhi On Pappu Yadav's ...

इस तीसरे मोरचे में सांसद असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी एआईएमआईएम, मायावती और वामपंथी पार्टियों को साथ लाने की कवायद चल रही है. इसके अलावा एनडीए और यूपीए के जो नेता बेटिकट हो जाएंगे या फिर जिनकी उम्मीदों पर पानी फिर जाएगा, वह अंत में सब इसी तीसरे मोरचे के साथ चले जाएंगे. यह तो सब जानते हैं कि तीसरा मोरचा सरकार नहीं बना सकता लेकिन बिहार की सभी 243 सीटों पर ये एक नई लकीर खिचेंगा, ये तय है.

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