पत्नी को शिक्षक बनाने के लिए इस युवक ने तय किया 1300 KM का सफर, जानिए किससे मिली प्रेरणा

0
165

हम सब ने यह कहाबत जरूर सुनी होगी. जहां चाह है वहा राह है. लेकिन इन सब के बीच में अगर कोई इंसान को हिम्मत देता चले तो सच में वह हर मुकाम का हासिल कर सकता है. आज हम जिस खबर के बारे में बात करने जा रहे हैं वह झारखंड की है. एक युवक अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने के लिए 1300 kM की दूरी स्कूटी से तय कर ग्वालियर पहुंचा. वह अपनी पत्नी के सपनों को पूरा करने के लिए झारखंड से मध्यप्रदेश के ग्वालियर तक का सफर तय किया था.

आपको बता दें कि यह यूवक बिहार गया के दशरथ मांक्षी से प्रेरित होकर यह कदम उठाया है. दशरथ मांझी ने भी अपनी पत्नी के लिए पहाड़ काटकर रास्ता बना दिया था. इस पति-पत्नी के बारे में बताया जा रहा है कि पत्नी को DLAD की परीक्षा में शामिल होने के लिए जाना था. लेकिन कोरोना काल होने के कारण न तो ट्रेनें चल रही है और न ही बस ऐसे में परीक्षा दिलाना मुश्किल हो रहा है. तब धनंजय ने अपनी गर्भवती पत्नी सोनी हेम्ब्रम को स्कूटर पर बिठाकर परीक्षा देने के लिए चल निकला. वह तीन दिन के कठीन सफर के बाद ग्वालियर पहुंचा.

उन्होंने बताया कि धनंजय ने बताया कि पत्नी की जेवर गिरवी रखर 10 हजार रुपये लेकर ग्वालियर आए थे. हालांकि अब इस दम्पति को स्कूटर से सहारे झारखंड नहीं जाना पड़ेगा. क्योंकि अडानी फाउंडेशन के तहत इस दंपति के लिए 16 सितंबर को ग्वालियर से रांची के लिए फ्लाइट कि बुकिंग कर दी गई है. बताया जा रहा है कि रांची में उतरने के बाद इस दंपति को सड़क मार्ग से गोड्डा के लिए भेज दिया जाएगा. फाउंडेशन उनके स्कूटर को लाने का इंतजाम कर रहा है.

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here