जानिए, क्यों नहीं लगेगा 1 दिसंबर से टोल प्लाजा पर गाड़ियों की भीड़!

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नेशनल हाइवे के टोल प्लाजा पर अब नकदी का कारोबार कम होगा. अगले महिने यानी की दिसंबर से टोल प्लाजा पर मात्र एक काउंटर नकदी के लिए होगा. बाकी के काउंटर उन गाड़ियों के लिए होगा जिनमें फास्ट टैग लगे होंगे. टोल प्लाजा से गुजरते  इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस गाड़ियों में लगे फास्ट टैग को स्कैन कर लेगा. तय टोल राशि कट जाएगी और टोल प्लाजा पर लगा गेट खुल जाएगा. इस डिवाइस के बाद से गाड़ी मालिकों के टोल पर लगने वाले लंबे जाम से निजात मिल जाएगी.

 

आपको बता दें कि नेशनल हाइवे पर जाम कि समस्या को लेकर केंद्र सरकार पिछले दो साल से फास्ट बैग को लेकर काम कर रही थी. उनका कहना था कि टोल प्लाजा पर पैसे जमा करने के लिए गाड़ियों की लंबी लाइन लग जाती थी इससे छुटकारा पाने के लिए केंद्र सरकार ने रेडियो फ्रेंक्वेंसी फास्ट टैग का निर्माण किया गया है. रेडियो फ्रेंक्वेंसी से फास्ट टैग लगी गाड़ियों से टोल की अपने आप वसूली हो जाती है. जाम से निजात दिलाने और तेल बचाने के उद्देश्य से नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने यह निर्णय लिया है. बिहार में 20 स्थानों पर टोल टैक्स की वसूली होती है.

इस फास्ट टैग से टोल देने पर लोगों को ढाई फीसदी की रियायत दी जाएगी. मान लिया कि अगर किसी को टोल टैक्स में 100 रुपये देना है तो वह उसमें से ढाई रुपया कम देगा. बिहार 20 में से 16 टोल प्लाजा पर इसका ट्रायल किया जा चुका है जो सफल भी रहा है. NHI के अधिकारियों ने कहा है कि गाड़ी मालिक जल्द से जल्द फास्ट टैग लगवा लें जिससे कि टोल टैक्स पर उन्हें लंबी लाइन में लगने से निजात मिल सके.

फास्ट टैग की खरीदारी ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से की जा सकती है. जैसे पेटीएम, अमेजन, एसबीआई सहित अन्य बैंको से की जा सकती है. इसकी खरीदार टोल प्लाजा केंद्रों पर भी की जा सकती है. खरीदारी के लिए आपको अपना मोबाइल नंबर, फोटो, गाड़ी, रजिस्टे्रेसन सर्टिफिकेट, ऑनर बुक पहचना और पत्राचरा का कागजात देने होंगे. फास्ट टैग खरीदने के बाद चेक, क्रेडिट या डेबिट कार्ड आरटीजीएस से इसको रिचार्ज किया जा सकता है. इसमें 100 रुपया से लेकर 1लाख रुपया तक का रिचार्च किया जा सकता है. साथ ही इस फास्ट टैग को बैंक के बचत खाते से जोड़ा जा सकता है.

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